अब वाहन के साथ ही मिल सकेगा वीआईपी नंबर
बुलंदशहर। वीआईपी नंबरों के शौकीनों को अब नंबर के लिए एआरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके लिए परिवहन आयुक्त ने अब वाहन खरीदने से पहले वीआईपी नंबर की ऑनलाइन बुकिंग करने का निर्देश जारी किया है। वाहन स्वामी स्वयं या वाहन डीलर के माध्यम से वाहन खरीदने से पहले वीआईपी नंबर ऑनलाइन बुक कर सकेंगे।
दोपहिया या अन्य वाहन पर मनचाहे (वीआईपी) नंबर के लिए वाहन स्वामियों को पूर्व में एआरटीओ कार्यालय में निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद नंबर बुक करना पड़ता था। राजस्व बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा प्रक्रिया को बदल नीलामी के रुप में शुरू किया। इस दौरान वीआईपी नंबर के लिए सर्वाधिक बोली लगाने वाले को नंबर मिलने लगा। अब विभाग ने वीआईपी नंबर में पारदर्शिता अपनाने के लिए यह अधिकार वाहन डीलर को दे दिए हैं। इससे अब वाहन खरीदार स्वयं भी इसके लिए ऑनलाइन वीआईपी नंबर बुक कर सकेंगे।
इन नंबरों की होती है अधिक डिमांड
1000, 9999, 0786 और 3300 ऐसे धार्मिक व खास नंबर हैं, जिन्हें अति आकर्षक श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा अति महत्वपूर्ण पंजीयन श्रेणी में 9600, 1001, 2100 व 8800 आदि नंबर को रखा गया है। तीसरी श्रेणी में 4466, 9911 और 1112 आदि नंबरों को प्राथमिकता दी गई है।
ऑनलाइन बुकिंग के बाद एक माह रहेगी वैधता
विभागीय अफसरों के अनुसार वाहन पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग की वैधता एक माह के लिए निर्धारित है। उसके बाद अगर बुक करने वाला व्यक्ति बुक किया गया नंबर नहीं लेता है तो उसकी वैधता स्वत: समाप्त हो जाएगी और उसे कोई अन्य व्यक्ति अलॉट करवा सकेगा। इसके लिए वाहन खरीदने से पूर्व वीआईपी नंबर ऑनलाइन अलॉट करवाना होगा। उसकी रसीद के बाद वाहन डीलर गाड़ी का पंजीयन करवाकर नंबर दे देंगे।
परिवहन आयुक्त द्वारा वीआईपी नंबरों की बुकिंग की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। इसके बारे में जिले के सभी वाहन डीलरों को ऑनलाइन वीआईपी नंबरों की बुकिंग की जानकारी दे दी गई है। जिस डीलर के यहां से खरीदार वाहन खरीदेंगे, वहां से सीधे वीआईपी नंबर के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे। वीआईपी नंबर बुकिंग के दौरान खाली होने पर जारी कर दिया जाएगा। - मोहम्मद कय्यूम, एआरटीओ प्रशासन