चोला। परिषदीय विद्यालय के बरामदे, दीवार के नीचे दबने से दो मासूम बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों अन्य बच्चों के साथ विद्यालय में खेल रही थीं। शोर सुनकर पहुंचे लोगों ने दोनों को बाहर निकाला और उपचार के लिए बुलंदशहर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर दोनों को चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। फिलहाल दोनों का दिल्ली के एम्स में उपचार चल रहा है।
गांव सुल्तालपुर निवासी सुमित ने बताया कि वह गांव स्थित परिषदीय विद्यालय के सामने बाल कटिंग की दुकान करता है। बुधवार की शाम करीब छह बजे उसकी पुत्री पारूल (7 वर्ष) जोकि कक्षा एक की छात्रा है। उसकी साली की बेटी दादरी निवासी राधिका (9 वर्ष) पुत्री विपिन गांव के अन्य बच्चों के साथ परिषदीय स्कूल में खेल रही थी। इसी दौरान परिषदीय स्कूल के शौचालयों के बाहर बनाया गया बरामदा और उसकी दीवार अचानक गिर गए। पारूल और राधिका मलबे में दब गईं। अन्य बच्चों के शोर मचाने पर वह स्कूल में पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों की मदद से दोनों को मलबे से बाहर निकाला।
गंभीर हालत में दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने दोनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया। दोनों का दिल्ली के एम्स में उपचार चल रहा है। बताया गया कि परिषदीय विद्यालय की बाउंड्रीवाल की ऊंचाई कम होने के कारण बच्चे विद्यालय की छुट्टी के बाद दीवार फांदकर विद्यालय के अंदर घुसकर खेलते हैं। बुधवार की शाम भी बच्चे विद्यालय के अंदर खेल रहे थे।
स्कूल में शौचालय के गिरे बरामदे व दीवार से घायल हुई बच्चियों की जानकारी मिल गई है। पता कराया जा रहा है कि इसका निर्माण कब हुआ था और किस कारण गिरी। यदि वह जर्जर था तो उसकी मरम्मत किस कारण नहीं कराई गई। इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों से मांग ली गई है। - डाॅ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी