बुलंदशहर। औरंगाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव में अक्टूबर 2018 को गांव निवासी एक व्यक्ति ने 10 वर्ष से बच्ची का अपहरण कर, दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में अब विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम तरुण कुमार सिंह के न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार दिया है साथ ही उसे 20 वर्ष का सर्वश्रम कारावास और 25000 रूपये का अर्थदंड सुनाया है।
औरंगाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने थाने पर 21 अक्टूबर 2018 को तहरीर दी। इसमें उसने बताया कि उसके पति मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। 21 अक्टूबर की सुबह उनके पति प्रतिदिन की तरह मजदूरी पर चले गए थे। घर पर वह और उनकी दस वर्षीय पुत्री मौजूद थे। तभी आरोपी आया और उनकी पुत्री को बहला फुसलाकर अपहरण कर ले गया। आरोपी उनकी पुत्री को गांव के निकट ही नहर किनारे झाड़ियों में ले गया। जहां उसके साथ अभियुक्त ने दुष्कर्म की वारदात की। बच्ची के शोर मचाने पर आस-पास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों को आता देख आरोपी वहां से भाग निकला। मामले में थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर नामजद आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। साथ ही जांच पूरी कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियुक्त को दोषी करार दिया है। साथ ही उसे 20 वर्ष कारावास और 25 हजार अर्थदंड सुनाया है।