बुलंदशहर। जानलेवा एचआईवी अब किशोर-किशोरियों और बच्चों को भी अपनी गिरफ्त में ले रहा है। जिले में 15 साल से कम उम्र के 96 किशोर एचआईवी संक्रमित हैं। इनमें 65 बालक, 31 बालिकाएं और नौ थर्ड जेंडर हैं। इन सभी का जिला चिकित्सालय के एआरटी सेंटर में इलाज चल रहा है।
जिला चिकित्सालय में दिसंबर 2020 में एआरटी सेंटर शुरू हुआ। यहां वर्तमान में 1682 संक्रमितों का इलाज चल रहा है। ज्यादातर मरीजों को संक्रमण का कारण नहीं पता। जिला क्षय रोग अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. हेमंत रस्तोगी ने कहा कि किशोरों में एचआईवी संक्रमण का फैलाव चिंता का विषय है। बहुत से लोग अपने संक्रमण को छिपा लेते हैं। इससे खतरा और बढ़ने लगता है। अगर किसी को संक्रमण पता चले तो तुरंत एआरटी सेंटर पर जाकर जांच कराएं।
एचआईवी मुख्य तौर से संक्रमित सुई के इस्तेमाल, असुरक्षित यौन संबध, संक्रमित खून और एचआईवी पीड़ित महिला से पैदा होने वाले बच्चे में होता है। पीड़ित किशोर कैसे संक्रमित हुए, उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।