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कोरोना काल में पेश की मिसाल, गन्ने की नर्सरी लगा कमाए 15 लाख

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जिले में तैयार की गई गन्ने की नर्सरी के साथ स्वयं सहायता समूह की महिला। - फोटो : BULANDSHAHR
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कोरोना काल में पेश की मिसाल, गन्ने की नर्सरी लगा कमाए 15 लाख
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बुलंदशहर। जिले के गन्ना विभाग ने गन्ने की नर्सरी तैयार कराने के लिए चार चीनी मिल से 32 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 320 महिलाओं को जिम्मेदारी दी गई। इन समूहों ने दस लाख से अधिक गन्ने की पौध तैयार की, जिससे उन्होंने 15 लाख रुपये की आमदनी की। इन महिलाओं ने कोरोना काल में आमदनी की नई मिसाल पेश की है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि शासन का आदेश मिला था कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए उनसे गन्ने की पौध तैयार करवाई जाए। इसके लिए आठ स्वयं सहायता समूह साबितगढ़, आठ अनामिका, आठ अनूपशहर और आठ वेव शुगर मिल के तहत स्वयं सहायता समूहों को चिन्हित किया गया। इन समूहों से जुड़ी 10-10 महिलाओं को पहले गन्ने की पौध तैयार करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। उसके बाद इन महिलाओं ने गन्ना विभाग की मदद से सिंगल बड़ और बड़ चिप के प्रयोग से गन्ने की नर्सरी तैयार की। इन सभी समूहों की 320 महिलाओं ने गन्ने की नर्सरी के माध्यम से एक लाख से अधिक पौध तैयारी की। एक पौधा 1.50 रुपये में बिका और किसानों ने भी खूब पसंद किया। इस तरह से इन समूहों से जुड़ी महिलाओं ने 15 लाख रुपये से अधिक की कमाई की है।
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उन्होंने बताया कि इसी तरह आगामी वर्ष भी महिलाओं के माध्यम से गन्ने की नर्सरी तैयार करवाई जाएगी, ताकि उन्हें इसी तरह आमदनी होती रहे। प्रयास रहेगा कि आगामी वर्ष स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि अधिक से अधिक गन्ने की पौध तैयार की जा सके। इसे किसान खूब पसंद कर रहे हैं।
इन प्रजातियों के गन्ने की तैयार की गई थी पौध
जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार महिलाओं से गन्ने की 0118, 0238 और 13235 प्रजाति की पौध तैयार करवाई गई थी। उन्होंने बताया कि गन्ने की नर्सरी में तैयार पौध से गन्ने की फसल अच्छी होती है। इससे उत्पादन भी अधिक मिलता है और किसान को फायदा भी अधिक होता है। गन्ने की सीधी बुआई करने की तुलना में नर्सरी लगाने पर किसान का खर्च भी कम आता है। बड़ चिप प्रक्रिया में एक गन्ने से औसत 18 से 22 पौधे तैयार किए जा सकते हैं। इस विधि से गन्ने के बीज की करीब 75 फीसदी तक की बचत होती है।
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इस बार जिले में 32 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 320 महिलाओं से गन्ने की नर्सरी तैयार करवाई गई थी। महिलाओं ने एक लाख से अधिक गन्ने की पौध तैयार कर 15 लाख से अधिक की कमाई की है। आगामी वर्ष भी इसी तरह महिलाओं से नर्सरी तैयारी करवाई जाएगी, ताकि उन्हें अधिक से अधिक आमदनी हो सके।
डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी
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