संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। जान से मारने के नियत से पुलिस टीम पर गोली चलाने के मामले में न्यायालय ने आरोपी बदमाश को दोषी माना है। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार ने गवाहों और सबूतों के आधार पर बदमाश सचिन को साढ़े तीन साल कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रवेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि 2019 को तत्कालीन थाना प्रभारी जहांगीराबाद नरेश कुमार शर्मा ने मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि वह हमराही के साथ 25 जून 2019 को जहांगीराबाद-अमरगढ़ रास्ते पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया, जिस पर बाइक सवार ने जान मारने की नियत से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी। फायरिंग में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की थी। पुलिस की गोली लगने से गोविंद शर्मा उर्फ गोलू पैर में गोली लगने से घायल हो गया था। पुलिस पर फायरिंग करने वाला उसका साथी सचिन निवासी ग्राम रोगन ग्रान थाना जहांगीराबाद फरार हो गया था। बाद में सचिन को गिरफ्तार कर पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। शुक्रवार को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार ने गवाहों और सबूतों के आधार पर सचिन को दोषी मानकर साढ़े तीन साल कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। गोविंद के खिलाफ न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा लिया है।