शासन ने सेवानिवृत्त स्टाफ नर्सों को नए वर्ष का बड़ा तोहफा दिया है। पिछले पांच साल में सेवानिवृत्त हुई नर्सों को सरकार दोबारा नियुक्त करेगी। स्टाफ नर्सों की कमी को देखते हुए शासन ने यह निर्णय लिया है।
स्वास्थ्य विभाग में पिछले पांच वर्षों में सेवानिवृत्त हुई स्टाफ नर्सों को अब संविदा पर रखा जाएगा। शासन के निर्देश हैं कि रिटायर हो चुकी 65 वर्ष तक की आयु की स्टाफ नर्सों को संविदा पर रखा जाए।
निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी सभी स्टाफ नर्सों को दोबारा संविदा पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है।
अस्पतालों में स्टाफ नर्सों की कमी और रिटायर हो चुकी स्टाफ नर्सों के अनुभव को देखते हुए इनकी नियुक्ति के आदेश दिए गए हैं। सरकार के इस फैसले से जनपद में रिटायर हो चुकी सैकड़ों स्टाफ नर्सों को फायदा मिलेगा।
अस्पतालों में खाली पड़े हैं 80 पद
जिला अस्पताल, महिला अस्पताल समेत
सीएचसी और पीएचसी में स्टाफ नर्सों के करीब 80 पद रिक्त पड़े हुए हैं। इसके
अलावा खुर्जा के ट्रॉमा सेंटर, बुलंदशहर के मैटरनिटी विंग, ट्रॉमा विंग के
लिए भी बड़ी संख्या में स्टाफ नर्सों की आवश्यकता पड़ेगी।
शासन ने उन सभी सेवानिवृत्त स्टाफ नर्सों को संविदा पर नियुक्ति करने के आदेश दिए हैं, जिनकी उम्र अभी 65 वर्ष से ज्यादा नहीं हुई है। इन स्टाफ नर्सों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है।
- डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ