सिकंदराबाद में जलता रावण का पुतला। संवाद
सिकंदराबाद। रामबाड़ा स्थित रामलीला मैदान में चल रही रामलीला महोत्सव में सोमवार की रात भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया। भगवान राम के बाण से जैसे ही रावण धराशायी हुआ, पूरा मैदान जय श्री राम के जयघोष से गूंज उठा।
प्राचीन काल से सिकंदराबाद में विजयादशमी पर दशानन के पुतले का दहन नहीं किया जाता है। पुतले का दहन दशहरे के चार दिन बाद यानी चौदस को होता है। इसके चलते रामलीला मैदान के आसपास बड़ा मेला लगता है।
जिसमें बड़ी संख्या में लोग आते हैं। रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में भगवान राम, लक्ष्मण, हनुमान और विभीषण का किरदार निभा रहे कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों का मन मोह लिया। रावण वध का दृश्य इतना जीवंत था कि उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। बाण लगते ही विशालकाय रावण का पुतला धू-धू कर जल उठा।
रामलीला कमेटी के प्रधान पं. सचिन शर्मा ने कहा कि यह आयोजन वर्षों से समाज को सत्य, न्याय और मर्यादा के मार्ग पर चलने का संदेश देता आ रहा है। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने अतिथियों को सम्मानित किया। इस दौरान विधायक लक्ष्मीराज सिंह, पालिका अध्यक्ष डॉ. प्रदीप दीक्षित, पं. राकेश शर्मा, पं. सचिन शर्मा, राहुल गुप्ता, अरविंद दीक्षित समेत श्री रामलीला कमेटी के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।