10,033 परिवारों ने बनवाए दो-दो जगह राशन कार्ड, बैठी जांच
बुलंदशहर। केंद्र सरकार की फूड सिक्योरिटी योजना महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है। इसके तहत राशन कार्ड धारक परिवार के प्रति सदस्य को माह में पांच किलो राशन दिए जाने का प्रावधान है। जिले में 10,033 परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने दो-दो जगह से कार्ड बनवा रखे हैं। उन्होंने अपना राशन कार्ड दिल्ली, हरियाणा और प्रदेश के दूसरे जिलों में भी बनवाएं हैं। शासन से ऐसे कार्डधारक परिवारों को चिन्हित कर जिला प्रशासन को जांच के लिए लिस्ट भेजी है।
योजना में शामिल पात्र परिवारों को गेहूं दो रुपये और चावल तीन रुपये प्रति किलो की दर से दिया जाता है। कोरोना काल में शासन ने कार्ड धारक परिवारों को निशुल्क राशन दिया। इस योजना से जिले में 5.90 लाख से अधिक परिवार जुड़े हैं। इनमें 26,402 परिवार अन्त्योदय राशन कार्ड धारक भी शामिल हैं। लेकिन अब 10,033 परिवारों ने दूसरे राज्यों में भी अपना दूसरा राशन कार्ड बनवा लेने का खुलासा हुआ है। शासन का आदेश है कि विभाग की ओर से इनकी जांच की जाए। इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
ऐसे पकड़ में आए कार्ड धारक
राशन कार्ड में शामिल परिवार के प्रति सदस्य का आधारकार्ड जुड़ा है। राशन वितरण के दौरान परिवार का कोई भी सदस्य अपना पीओएस मशीन में अपना अंगूठा लगाकर राशन ले सकता है। बताया गया कि जब इसकी शासन स्तर से मॉनीटरिंग की गई तो खुलासा हुआ कि जिस राशन कार्ड से जिले में राशन प्राप्त किया जा रहा है। उसी नाम से इन परिवारों ने दूसरे राज्यों में भी अपने राशन कार्ड बनवा रखे हैं।
जहां रहता है कार्डधारक का परिवार वहीं का रहेगा कार्ड
विभागीय अफसरों का कहना है कि शासन का आदेश है कि जिन राशन कार्ड परिवारों की सूची भेजी गई है। उसमें पहले यह पता किया जाए कि वह पात्र है या अपात्र। इसके साथ ही यह भी पता किया जाए कि उससे संबंधित परिवार यहां रह रहा है या नहीं। आदेश है कि जहां कार्ड धारक का परिवार रहता है वहीं का राशन कार्ड रहेगा।
शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
शासन से जनपद के 10,033 ऐसे परिवारों की सूची प्राप्त हुई, जिन्होंने जनपद के अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड समेत प्रदेश के अन्य जनपदों में भी राशन कार्ड बनवा रखे हैं। सूची मिलने के बाद इनकी जांच शुरू हो गई है। जल्द ही जांच कर रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
- अभय प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी