भाजपा सरकार ने इस घटना को दबाने की हर संभव कोशिश की। इसे अंतरराष्ट्रीय साजिश बता दिया गया, जबकि मामला एक गरीब अनुसूचित जाति के परिवार को न्याय दिलाने का था। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता बड़ी चालाकी से झूठ बोलते हैं, इसलिए इनसे सतर्क रहने की जरूरत है।
सरकार बनी तो राशन में चावल और गेहूं से साथ आलू भी देंगे
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने आगरा की सभा में कहा था कि इस इलाके में आलू प्रोसेसिंग की इकाई, लगेगी लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ। आलू के किसानों को उनकी लागत का मूल्य भी नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते छोटे उद्योग बंद हो गए हैं। लोगों का रोजगार छिन गया है। लगातार महंगाई बढ़ रही है। डीजल और पेट्रोल के रेट बढ़ रहे हैं।
जयंत ने रैली में लोगों से वादा किया कि यदि उनकी सरकार बनी तो आलू किसानों को लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिया जाएगा। राशन में चावल और गेहूं के साथ आलू भी दिया जाएगा। किसानों को सम्मान निधि में छह हजार रुपये के स्थान पर 12 हजार रुपये और सीमांत किसानों को 15 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस मौके पर लखीमपुर के मृत किसानों और कुछ शहीद जवानों को सभा में मौजूद लोगों ने जयंत चौधरी की अपील पर मौन रहकर श्रद्धांजलि दी।