किशोरी से दुष्कर्म मामले में 10 साल कारावास
बुलंदशहर। एडीजे पॉॅक्सो एक्ट द्वितीय तरुण कुमार सिंह की कोर्ट ने गुलावठी थाना क्षेत्र से किशोरी को अगवा कर हापुड़ लेकर जाकर दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त सलमान को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सलमान को दस वर्ष सश्रम कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता भरत कुमार शर्मा ने बताया कि एक आरोपी नाबालिग होने पर उसे किशोर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां उसका मामला विचाराधीन है। कोर्ट ने दो पक्षों की दलील और गवाहों के बयान सुनने के बाद फैसला सुनाया है।
आठ गवाहों ने दी थी गवाही
मामले में पहली गवाही पीड़िता के पिता की हुई और दूसरी गवाही खुद पीड़िता की थी। इसके अलावा तीसरी गवाही उपनिरीक्षक नीरज सिंह मामले के प्रथम विवेचक की हुई। चौथी गवाही प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार की हुई। पांचवीं गवाही डा. दीपा अग्रवाल, छठी गवाही मामले के दूसरे विवेचक रहे निरीक्षक थान सिंह, सातवीं गवाही संतोष शर्मा और आठवीं गवाही आरक्षी शंातनु त्यागी की हुई।
यह था पूरा मामला
गुलावठी थाना क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने पांच नवंबर 2015 को थाने पर तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया था कि मोहल्ला निवासी सलमान पुत्र रसीद खान ने अपने एक अन्य नाबालिग साथी के साथ मिलकर उनकी 14 वर्षीय पुत्री का अपहरण कर लिया है। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल की और करीब 14-15 दिन बाद किशोरी को हापुड़ के एक होटल से बरामद कर लिया था। यहां से दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। मामले में पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियेां के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
घटना को एक चुनौती के रूप मानते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेेजा गया था। एसपी सिटी के पर्यवेक्षण और मॉनीटरिंग सेल के प्रभावी पैरवी से आरोपी को कोर्ट ने सजा सुनाई है। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी