फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन बार एसएसपी दफ्तर पहुंची दुष्कर्म पीड़िता, फिर भी नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
तीन बार एसएसपी दफ्तर पहुंची दुष्कर्म पीड़िता, फिर भी नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट
विज्ञापन

बुलंदशहर। छतारी थाना क्षेत्र के एक गांव गत 25 नवंबर को बाग में गई महिला के साथ दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामले में पीड़िता न्याय के लिए भटक रही है। महिला का आरोप है कि एफआईआर दर्ज कराने के लिए वह तीन बार एसएसपी दफ्तर और थाने पर चक्कर लगा चुकी हेै। लेकिन, अफसरों के निर्देश के बावजूद कार्रवाई करने और एफआईआर लिखने की बजाए थाना पुलिस फैसले का दबाव बना रही है।
छतारी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने बुधवार को एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा। उसने बताया कि उसका पति मेहनत मजदूरी करता है। गत 25 नवंबर को पीड़िता घर के निकट स्थित बाग से लकड़ियां लेने के लिए गई थी। लौटते वक्त रास्ते में ही गांव निवासी तीन नामजद आरोपियों ने उसे रोक लिया और ट्यूबवेल पर ले गए। जहां एक आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जबकि, अन्य दो आरोपियों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट भी की। इसके बाद आरोपी उसे ट्यूबवेल में बंधक बना लिये और बाहर बैठकर शराब पीने लगे। पीड़िता के घर न पहुंचने पर परिजन ढूंढते हुए वहां पहुंचे तो उसे बंधक मुक्त कराया। इसकी शिकायत पीड़िता ने 26 नवंबर को छतारी थाना पुलिस से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं, बाद में पीड़िता अब तक तीन बार एसएसपी से गुहार लगा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद थाना पुलिस उस पर आरोपी पक्ष से फैसला करने का दबाव बना रही है।
विज्ञापन

पीड़िता के पुत्र को मारने की दी धमकी
पीड़िता ने बताया कि जब उसने थाने पर शिकायत की तो दबंग प्रवृत्ति के आरोपियों के साथ पुलिस ने साठगांठ कर ली। इस दौरान आरोपियों ने शिकायत वापस न लेने पर पीड़िता के एक वर्षीय पुत्र की हत्या करने की धमकी भी दी। साथ ही पीड़िता ने थाने पर तैनात एक सिपाही पर भी आरोपियों का पक्ष लेने और उनकी पूरी मदद करने का आरोप लगाया है।
इन तारीखों में एसएसपी से शिकायत
पीड़िता ने बताया कि थाने से कार्रवाई न होने पर उसने गत एक दिसंबर को पहली बार एसएसपी दफ्तर पहुंच कर शिकायत की। जिस पर गत पांच दिसंबर को थाने बुलाया गया, जहां पुलिस ने जबरन पीड़िता पर फैसले का दबाव बनाया, कोई कार्रवाई नहीं की। साथ ही इसके बाद पीड़िता ने गत छह दिसंबर को भी शिकायत एसएसपी से की थी, लेकिन उस पर भी सुनवाई नहीं हो सकी। वहीं, अब बुधवार को एक बार फिर शिकायत की।
विज्ञापन

प्रारंभिक जांच में संदिग्ध बताया गया मामला
मामले में थाना पुलिस को निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध बताया गया है। जल्द ही रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें