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बुलंदशहर से गढ़ के बीच दो दशक बाद भी नहीं बिछी रेलवे लाइन

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बुलंदशहर का रेलवे स्टेशन। - फोटो : BULANDSHAHR
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बुलंदशहर से गढ़ के बीच दो दशक बाद भी नहीं बिछी रेलवे लाइन
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बुलंदशहर। बुलंदशहर-औरंगाबाद-स्याना से गढ़मुक्तेश्वर तक रेलवे लाइन का प्रस्ताव पिछले 23 साल से लंबित चल रहा है। कई बार पत्र लिखने के बाद भी रेलवे लाइन बिछाने का प्रस्ताव फाइलों में दबकर रह गया। अब पुन: उप्र डीआरयूसी के पूर्व सदस्य ने रेलमंत्री को पत्र लिखकर रेलवे बजट में प्रस्ताव शामिल करने की मांग की है।
उप्र डिवीजनल रेलवे सलाहकार उपयोगिता समिति (डीआरयूसी उत्तर रेलवे) के पूर्व सदस्य वीरपाल सिंह ने 28 अगस्त 1997 को डीआरयूसी की विशेष बैठक में यह प्रस्ताव रखा था। प्रतिनिधिमंडल ने रेलमंत्री से मुलाकात कर 55 किमी लंबे इस रूट पर रेलवे लाइन बिछवाने की मांग की थी। बताया कि इस रूट पर सबसे पहले औरंगाबाद नगर फिर स्याना तहसील इसके बाद ऐतिहासिक गंगा स्थल गढ़मुक्तेश्वर शामिल है। गढ़ तक रेल लाइन बिछने से लाखों श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिलेगा। बताया कि देश का रेल बजट आने वाला है। लोगों को आने वाले रेल बजट से फिर से उम्मीद नजर आ रही है। आजादी के बाद से बुलंदशहर जिले के उत्तरी भूभाग में रेलवे लाइन न होने के चलते पिछड़ा हुआ है। वहीं, कृषि में अच्छी उपज होने के बाद किसानों को अन्य वाहनों के जरिए फसल को पड़ोसी जिलों में ले जाना पड़ता है। रेलवे लाइन हो तो किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा। उन्होंने रेलमंत्री को फिर से पत्र भेजकर 23 साल से लंबित प्रस्ताव को बजट में शामिल करने की मांग की है।
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यह मांग भी है शामिल
बुलंदशहर से दिल्ली तक सीधी रेल सेवा की मांग, बुलंदशहर स्टेशन पर माल उतारने के लिए नया प्लेटफार्म बनवाने की मांग, बुलंदशहर स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन का मार्ग बढ़ाने की मांग एवं स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं के लिए संसाधनों की व्यवस्था किए जाने की माग लोग लंबे समय से कर रहे हैं। उद्योग व्यपार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि इन सभी मांगोें को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष भी कई बार मुद्दा उठाया गया है।
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अनूपशहर को भी रेलवे लाइन से जोड़ने की मांग
अनूपशहर तहसील क्षेत्र के भी निवासी रेलवे लाइन की मांग के लिए प्रयासरत हैं। इसके लिए पूर्व में कई बार पत्र लिखकर रेल मंत्री एवं विभाग को अवगत करा चुके हैं। 2013 में इस परिक्षेत्र में केंद्र सरकार ने रेल लाइन का सर्वे प्रस्तावित किया। रेलवे लाइन के लिए राजघाट नरौरा से दिल्ली वाया अनूपशहर, जहांगीराबाद, बुलंदशहर, सिकंदराबाद एवं गाजियाबाद को जोड़ने की मांग की गई थी। लेकिन अभी तक कोई भी कार्य धरातल पर कुछ नहीं किया गया। इससे क्षेत्रीय जनता में रोष व्याप्त है।
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