जिले में हर महीने 15 करोड़ की बिजली चोरी रोकेगा विद्युत निगम
बुलंदशहर। जिले में हर महीने 15 करोड़ की बिजली चोरी रोकने के लिए 1500 अधिकारी कर्मचारियों की टीमें काम करेंगी। इन टीमों को प्रत्येक दिन सात लाख रीडिंग बिजली चोरी पकड़नी होगी। लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अधिकारियों ने माना है कि जिले में बड़े स्तर पर बिजली चोरी हो रही है, जिससे सरकार को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सात लाख यूनिट के हिसाब से एक दिन में 50 लाख रुपये का फायदा विद्युत निगम को होगा।
केंद्र सरकार ने राज्य सरकार और बिजली निगम के साथ लाइन लॉस को 20 फीसदी पर लाने के लिए अनुबंध किया है। योजना के तहत जिले में प्रतिदिन करीब सात लाख यूनिट बिजली चोरी पकड़ने के लिए अधिकारियों को लक्ष्य दिया है। बिजली निगम के घाटे को कम करने के लिए सरकार तमाम तरह के प्रयास कर रही है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण निगम घाटे से नहीं उबर पा रहा है। जिले में औसतन 50 फीसदी लाइन लॉस के कारण निगम को 10 करोड़ से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब लाइन लॉस को कम करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से
प्रदेश और बिजली निगम के साथ अनुबंध किया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार के उच्चाधिकारियों ने प्रदेश और निगम के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए प्रतिदिन बिजली चोरी पकड़ने के लिए प्रत्येक खंड के लिए एक लक्ष्य निर्धारित किया। इसके लिए बिजलीघरों की टीम के साथ विजिलेंस और पुलिस फोर्स भी कार्य करेगी। फिलहाल जिले के सभी नौ खंडों में करीब 40 फीडर ऐसे हैं, जहां पर लाइन लॉस 40 फीसदी या इससे अधिक है। 25 से 30 फीसदी लाइन लॉस वाले फीडरों की संख्या करीब 15 ही है।
- नौ खंडों में 1500 अधिकारी कर्मचारी करेंगे काम
जिले को नौ खंडों में बांटा गया है। 40 फीडर इसमें शामिल हैं। बिजली चोरी रोकने के लिए एक चीफ, तीन एसई, नौ एक्सईएन, 120 जेई, 300 विद्युत निगम के कर्मचारी, करीब 1000 से अधिक संविदा कर्मचारी शामिल रहेंगे। सभी की टीम बनाकर उनको क्षेत्र बांटे जाएंगे। सभी को लक्ष्य दिया जाएगा कि वह किस क्षेत्र में कितनी यूनिट बिजली चोरी पकड़नी है। गांव और शहर के ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाएगा, जहां पर सबसे ज्यादा बिजली चोरी होती है।
ओटीएस योजना से भी नहीं हो रही बिल की वसूली
बकाया बिल वसूली के लिए शासन द्वारा शुरू की गई ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) योजना भी बिल वसूली में अपेक्षित सफल नहीं हो रही है। अभी भी 10 हजार से अधिक बकाया बिल वाले उपभोक्ताओं की संख्या ढाई लाख से अधिक है। इनमें से करीब 20 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन पर निगम का 20 हजार या इससे अधिक का बिल बकाया है।
बार-बार बनी योजना, लेकिन नहीं हुआ अमल
बकाएदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की योजना बार-बार अधिकारियों ने तैयार की, लेकिन उन पर अमल नहीं किया गया। एक लाख से अधिक बकाया बिल वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने के निर्देश जारी हुए, लेकिन कनेक्शन काटे ही नहीं गए, जिसके चलते बकाएदारों ने भी बिल जमा करने में कोई रुचि नहीं दिखाई।
खंड का नाम लक्ष्य
सिकंदराबाद 100000 रीडिंग
द्वितीय डिवीजन 100000 रीडिंग
शिकारपुर 60000 रीडिंग
स्याना 50000 रीडिंग
डिबाई 50000 रीडिंग
खुर्जा 100000 रीडिंग
जहांगीराबाद 70000 रीडिंग
पंचम 70000 रीडिंग
षष्टम 70000 रीडिंग
केंद्र सरकार और राज्य सरकार के उच्चाधिकारियों ने निगम के साथ अनुबंध किया है। 20 फीसदी लाइन लॉस लाने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए प्रत्येक खंड को अलग से लक्ष्य जारी किया गया है। लक्ष्य के सापेक्ष वसूली न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। - विनोद कुमार मिश्र, चीफ इंजीनियर, विद्युत निगम