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Bulandshahar News: आलू के भाव गिरे, प्याज के बढ़े

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बुलंदशहर। त्योहार नजदीक आ गए। इस बीच सब्जियों की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव का सिलसिला बना है। सोमवार को प्याज थोक में 55 तो फुटकर में 70 रुपये प्रति किलो की दर से बिकी। वहीं, आलू के दाम गिर गए हैं। इस समय आलू 300 से 400 रुपये प्रति कट्टा बिक रहा है। जबकि मंडी में चिप्सोना आलू की आवक कम होने लगी है।
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जिले में पिछले दिनों की अपेक्षा अब आलू की कीमतों में काफी गिरावट देखने को मिल रही है। इसकी वजह से आलू को लेकर जहां किसान परेशान हैं। वहीं आलू के व्यापारियों के माथे पर बल दिखाई दे रहा है। हालांकि कीमतें गिरने से आम खरीदारी खुश हैं। आढ़ती खुशीराम, मोहित सिंघल और चांद खां का कहना है कि आलू की कीमतों में पिछले एक माह में काफी गिरावट दर्ज की गई है। जो आलू पिछले दिनों 300 से 400 रुपये प्रति कट्टा बिक रहा था। उसका भाव कम होकर अब 300 से 400 रुपये पर पहुंच गया है। जिले के 43 कोल्ड स्टोर में अभी भी करीब 60 हजार मीट्रिक टन आलू का भंडारण मौजूद है। ऐसे में दाम और गिर सकते हैं। लगातार गिर रहे आलू के भाव को लेकर किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। किसानों को इस समय फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। वहीं, दूसरी ओर इस समय प्याज की कीमत लंबी छलांग लगा रही है। थोक में इस समय प्याज की कीमत 45 से 55 रुपये प्रति किलोग्राम है। जो कि 15 दिन पहले मात्र 20 से 25 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं, दूसरी ओर फुटकर में प्याज 60 से 70 रुपये प्रति किलो की दर से बेची जा रही है। थोक विक्रेताओं का कहना है कि अभी प्याज की कीमतों में और ज्यादा इजाफा देखने को मिलेगा। सब्जी मंडी के प्रभारी सचिव मदन मोहन सिंह का कहना है कि प्याज की मध्यप्रदेश और नासिक से आवक कम हो रही है। आने वाले दिनों में प्याज के दाम और बढ़ सकते हैं। नया प्याज आने में अभी दो माह लगेंगे। प्याज के लगातार बढ़ रहे दामों को लेकर आम आदमी भी चिंतित है।

शासन ने 30 नवंबर तक दिया कोल्ड स्टोर से आलू निकासी का मौका
मंदी की मार झेल रहे आलू उत्पादक किसानों को राहत भरी खबर है। आलू की निकासी के लिए किसानों को अब 30 नवंबर तक का समय मिलेगा। जिला उद्यान अधिकारी की ओर से जारी किए गए आदेश में कोल्ड स्टोर संचालकों को इसके लिए निर्देशित किया गया है। 30 नवंबर तक वे लगातार कोल्ड स्टोर का संचालन जारी रखेंगे, ताकि किसानों का आलू खराब न हो। फरवरी में आलू का भंडारण शुरू हो जाता है। इसके बाद निकासी करने के लिए शासनादेश के अनुसार 30 नवंबर तक का समय दिया गया है। लेकिन कई बार शासन ने इसे घटाकर 31 अक्तूबर तक भी किया था। इसी के चलते इस बार भी किसान और कोल्ड स्टोर संचालक असमंजस में थे। इसी दुविधा को दूर करने के लिए जिला उद्यान अधिकारी जगदीश प्रसाद ने जिले के कोल्ड स्टोर संचालकों को आदेश जारी किया है। इसके अनुसार 30 नवंबर तक उन्हें कोल्ड का संचालन करना होगा। ऐसे में किसानों को आलू निकासी के लिए अभी एक माह का समय और मिलेगा। हालांकि उन्होंने किसानों से भी आलू की गिरती हुई कीमतों को देखते हुए जल्द से जल्द आलू की निकासी करने की अपील की है। जिले में 43 कोल्ड स्टोर हैं। इनमें 2.20 लाख मीट्रिक टन आलू के भंडारण की क्षमता है। इस बार इनमें करीब दो लाख मीट्रिक टन आलू का भंडार हुआ था।
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