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दिवाली के दिन से ज्यादा जहरीली हुई हवा

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एआरटीओ कार्यालय के बाहर जल रहा कूड़ा। - फोटो : BULANDSHAHR
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दिवाली के दिन से ज्यादा जहरीली हुई हवा
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बुलंदशहर। दिवाली से जनपद में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को स्थिति काफी खराब रही। दिवाली के दिन से भी ज्यादा जहरीली हवा रही। सांस लेने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बच्चों को नींद नहीं आने व आंखों में जलन की समस्या हुई। बृहस्पतिवार को जिले का एक्यूआई 447 दर्ज किया गया, जो देश के प्रदूषित शहरों की सूची में तीसरे स्थान पर रहा।
आंखों में जलन, खुजली, लालिमा और पानी आने की शिकायत लेकर मरीज नेत्र रोग विशेषज्ञों के पास पहुंच रहे हैं। अधिकांश को कंकड़ चुभने जैसी दिक्कत आ रही है। चिकित्सकों के मुताबिक, प्रदूषण आंखों में जलन का मुख्य कारण है। इन दिनों वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। प्रदूषण से आंखों के ड्राई होने के मामले भी आने लगे हैं। इस बीमारी से लोगों को न केवल असुविधा होती है बल्कि नजर भी कमजोर हो जाती है। इसके अलावा आंखों में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश अग्रवाल ने बताया कि प्रदूषण से एलर्जिक कंजेक्टिवाइटिस के मरीज 50 फीसदी बढ़े हैं। वायु प्रदूषण बढ़ने से आंखों में जलन, खुजली, लालिमा और पानी आने की समस्या हो रही है। जिला अस्पताल व निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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ऐसे करें आंखों की देखभाल
- आंखों को गंदे हाथ या कपड़े से न छुएं।
- बाहर निकलते समय सनग्लास लगाएं।
- समय-समय पर आंखों को साफ पानी से धोएं।
- कॉन्टेक्ट लेंस वाले लोग जीरो नंबर का चश्मा लगाएं।
- चिकित्सक से परामर्श के बाद ही आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें।
लगातार जल रहा कूड़ा, नहीं हो रही कार्रवाई
नगर में प्रतिदिन जगह-जगह कूड़े के ढेर को आग के हवाले किया जा रहा है, जिससे उठता धुआं वातावरण में जहर फैला रहा है। बृहस्पतिवार को नगर के यमुनापुरम स्थित एआरटीओ कार्यालय पर कूड़े के ढेर से धुंआ उठता रहा। इसके अलावा स्याना अड्डा, बूराबाजार, शिकारपुर रोड, भूड़ चौराहा आदि स्थानों पर भी कूड़े के ढेर से धुआं उठता रहा। बावजूद संबंधित अफसरों द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही।
वायु प्रदूषण बढ़ने में विभाग भी हैं जिम्मेदार
पालिका द्वारा जहां नियमित पानी का छिड़काव कराने के साथ कूड़ा जलाने वालों पर अंकुश लगाना चाहिए। वहीं, प्रदूषण विभाग द्वारा रात के समय कारखानों की चिमनी से निकलने वाले काले धुएं को लेकर पेट्रोलिंग नहीं की जा रही है, जबकि स्याना रोड पर गांव कुदैना में प्रतिदिन एक फैक्टरी से दिन-रात धुएं का गुब्बार उठता रहता है। यातायात विभाग द्वारा भी प्रमुख चौराहों पर आए दिन लगने वाले जाम की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। साथ ही पूर्ति विभाग व खाद्य विभाग द्वारा ढाबा, होटल और रेस्टोरेंट आदि में ईंधन के रूप में प्रयुक्त लकड़ी व कोयले के प्रयोग पर रोक नहीं लगाई जा रही। शहर के गली-कूचों में संचालित क्लीनिक और नर्सिंग होम से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट का उचित निस्तारण नहीं किया गया। जिले का अग्निशमन एवं राजस्व विभाग प्रतिबंधित इलाकों में पटाखे छोड़ने व बिक्री पर रोक नहीं लगा सका। वहीं, एआरटीओ विभाग द्वारा कंडम वाहनों के परिचालन रोकने संबंधी प्रयास को भी सफलता नहीं मिल सकी। कृषि विभाग द्वारा पराली जलाने के मामलों में भी सैटेलाइट पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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एक्यूआई बुलंदशहर ही नहीं सभी शहरों का बढ़ रहा है, जो हवा रुकने का कारण एनसीआर क्षेत्र में अधिक प्रभाव दिखा रहा है। वायु प्रदूषण फैलाने वालों पर अधीनस्थ अफसरों को कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए गए है।
- सपना श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
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