बुलंदशहर। 25 और 26 अप्रैल को बस से सफर का प्लान न बनाएं। वजह, रोडवेज की 188 बसों में से 150 बसें चुनाव में चली जाएंगी। ऐसे में दो दिन लोगों की बसों की किल्लत हो सकती है। लोकसभा चुनाव के लिए रोडवेज की 50 बसें चली गई हैं। इससे लोगों को आने-जाने के लिए साधन नहीं मिल पा रहा है।
लोकसभा चुनाव में रोडवेज बसों के अलावा प्राइवेट बस, स्कूली वाहन और अन्य वाहन अधिग्रहित किए गए हैं। 26 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव में रोडवेज बसों के साथ ज्यादातर वाहन भेज दिए गए हैं। इसके चलते सड़कों पर कम ही वाहन दिखाई दे रहे हैं। इसके चलते यात्रियों की परेशानी शुरू हो गई है। यात्रियों को काफी लंबे समय तक वाहनों के इंतजार के लिए खड़ा होना पड़ रहा है। काफी लंबे अंतराल के बाद ही एक्का दुक्का रोडवेज का बस आ रही है। इसमें भी जगह मिल पाना मुश्किल हो रहा है।
बुलंदशहर डिपो में इस समय 98 बसें हैं। इनमें से 32 बसें चुनाव ड्यूटी में कार्मिकों को लाने व ले जाने के लिए भेजी जा चुकी हैं। मंगलवार को 66 बसों का ही संचालन हो सका। खुर्जा डिपो के बेड़े में शामिल 90 बसाें में से 18 बस चुनाव में चली गईं। ऐसे में यहां पर भी बसों की कमी हो गई है। 25 अप्रैल को 100 से अधिक बसें मतदान कर्मियों को बूथ पर लेकर जाएंगी। ऐसे में 25 और 26 अप्रैल तक बसों की कमी से यात्रियों को जूझना पड़ेगा। 27 अप्रैल को ही बसें वापस आएंगी। इसके बाद ही लोगों का सफर सामान्य हो सकेगा।
बुलंदशहर और खुर्जा डिपो की करीब 50 बसें चुनाव ड्यूटी में चली गई हैं। 25 अप्रैल को 100 और बसें चुनाव ड्यूटी में चली जाएंगी। ऐसे में शेष बसों को जरूरत वाले रूटों पर ही चलाया जाएगा। 25 और 26 अप्रैल को यात्रियों को असुविधा हो सकती है। - परमानंद, एआरएम बुलंदशहर