जहांगीरपुर। कपना नहर में दो दिन पहले डूबे लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया था। जो मंगलवार रात को खत्म कर दिया। अब केवल पीएसी के तैराक और स्थानीय गोताखोर लापता छह वर्षीय रिया और 17 वर्षीय प्रशांत की तलाश कर रहे हैं।
कपना नहर में रविवार रात नौ बजे शेरपुर गांव से आ रही बरातियों की कार अनियंत्रित होकर गिर गई थी। कार में आठ लोग बैठे थे। जिसमें चालक अर्जुन और दूल्हे की भतीजी कार का शीशा तोड़कर बाहर आ गए थे। अन्य छह लोग डूब गए थे। इसमें मनीष, उनकी बहन कांता और अंजली कार के पिछले हिस्से में फंसे रह गए थे। नहर में से कार निकालने के बाद तीनों के शव को ग्रामीणों ने शीशा तोड़कर बाहर निकाला था।
इसके बाद मनीषा की छह वर्षीय बेटी रिया, 17 वर्षीय 12वीं कक्षा का छात्र प्रशांत और दूल्हे का चाचा कैलाश लापता था। उनकी तलाश के लिए सोमवार सुबह पांच बजे मुरादाबाद से एसडीएआरएफ और आठ बजे गाजियाबाद से एनडीआरएफ पहुंच गई थी। दोपहर तीन बजे कैलाश का शव भी अलीगढ़ से बरामद कर लिया गया। मगर रिया व प्रशांत की अभी तक कोई जानकारी नहीं लगी है।
एनडीआरएफ निरीक्षक मयंक कुमार का कहना है जहांगीरपुर, सिकंदराबाद और अलीगढ़ क्षेत्र में जांच की गई। टीम की ओर से करीब 36 घंटे तक सर्च अभियान चलाया गया। बच्ची और किशोर की जानकारी नहीं मिल पाई है। मंगलवार शाम को रेस्क्यू खत्म करके टीम वापस आ गई।