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मुस्लिम वोट जिसके साथ उसके सिर पर होगा ताज

Mon, 16 Jan 2017 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
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मुसल‌िम मतदाता - फोटो : अमर उजाला
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हर बार की तरह जातीय आंकड़ों में उलझने वाले विधानसभा चुनाव में सियासी दलों की कवायद का केंद्र इस बार मुसलिम मतदाता होंगे। जिस पार्टी या प्रत्याशी को मुसलिमों को मतरूपी साथ मिला, वहीं सीट का सरताज बनेगा।
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ऐसे इसलिए क्योंकि खुर्जा, बुलंदशहर, सिकंदराबाद और स्याना विधानसभा सीटें मुस्लिम बाहुल्य हैं। बाकी विधानसभा क्षेत्रों में भी मुस्लिम मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं। सबसे कम डिबाई में 27 हजार मुस्लिम वोटर हैं। 


जनपद की सदर, खुर्जा, सिकंदराबाद, अनूपशहर, शिकारपुर, डिबाई, स्याना विधानसभा क्षेत्र में चार लाख तीन हजार 81 मुस्लिम पुरुष और तीन लाख 74 हजार 26 मुस्लिम महिलाएं हैं। कुल मिलाकर सातों विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम आबादी 777107 है।
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इनमें से मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब 3.40 लाख (65-65 प्रतिशत) है। सबसे अधिक मुस्लिम वोटर सदर विधानसभा क्षेत्र में 105184 हैं। इसके बाद खुर्जा विधानसभा सीट पर 76 हजार मुस्लिम वोटर नेता जी की किस्मत का फैसला करेंगे।

विधानसभा सीट स्याना और सिकंदराबाद का नंबर बुलंदशहर, खुर्जा के बाद आता है। सबसे कम 27 हजार मुस्लिम मतदाता डिबाई विधानसभा सीट पर हैं। इसके चलते सभी सियासी दल मुस्लिम मतों पर हक जाहिर रहे हैं। भाजपा भी मुस्लिम मतदातों को रिझाने में कोई कमी नहीं छोड़ रही है।

बसपा ने तो सबसे अधिक मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतार मुस्लिम हितैषी होने का संदेश दिया है। उधर समाजवादी पार्टी        मुस्लिम मतदाताओं को अपना बेसिक वोट मानती रहीहै। हालांकि सपा में सत्ता को लेकर घमासान होने के बाद मुस्लिम मतदाता असमंजस में है।
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