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काली नदी के पानी से बर्बाद हो रही 60 गांव की फसल

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काली नदी के पानी से बर्बाद हो रही 60 गांव की फसल
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बुलंदशहर। काली नदी के पानी से जिले के 60 से अधिक गांवों की फसल बर्बाद हो रही है। किसानों का आरोप है कि अधिकारी निरीक्षण के लिए आते हैं, लेकिन आगे की कार्रवाई नहीं करते। जिसके चलते किसानों को परेशानी और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। बुधवार को डीएम सीपी सिंह ने अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को समस्या के समाधान का निर्देश दिया।
काली नदी के आसपास के इलाके में बारिश के दौरान जलभराव से किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है। बारिश के सीजन में काली नदी के ओवरफ्लो होने के कारण गुलावठी, अगौता क्षेत्र के गांव के साथ रमपुरा, ऐमनपुर, क्रियावली, कुराला, मामन, अच्छेजा घाट, जालपी समेत खुर्जा, पहासू क्षेत्र के 60 गांवों के किसान परेशान होते हैं। भाकियू महाशक्ति और भाकियू भानू द्वारा भी किसानों की इस समस्या को लेकर कई बार प्रदर्शन कर अधिकारियों को ज्ञापन दिया गया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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नदी में जमा सिल्ट साफ करने के निर्देश
बुधवार को डीएम सीपी सिंह, एडीएम वित्त विवेक मिश्र समेत अन्य अधिकारियों ने काली नदी के पास वाले इलाके का निरीक्षण किया। गांव एमनपुर में निरीक्षण करते हुए डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि काली नदी में जमा हुई सिल्ट की सफाई कराई जाए, जिससे नदी का जलस्तर बढ़ने पर खेतों में पानी न भरे। निर्देशित किया कि किसी भी हाल में बारिश से पहले सिल्ट सफाई कराई जाए, ताकि किसानों को आर्थिक संकट न हो। मौके पर तहसील प्रशासन के साथ सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बोले किसान -
काली नदी के पानी से फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाती है। सीजन में गेहूं और धान की फसल के साथ पशुओं के चारे के लिए भी संकट होता है। बारिश होने पर क्षेत्र के किसानों को बड़ा नुकसान होता है। - राहुल, निवासी ऐमनपुर
धान की फसल लगाने के बाद जब बारिश आती है तो किसान खुश होने के बजाए और परेशान होता है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। - महबूब, निवासी हात्माबाद
किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए काली नदी की सफाई के साथ अन्य कदम उठाने चाहिए। यदि समस्या दूर नहीं हुई तो किसान उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। - उमेश कुमार, निवासी अच्छेजा घाट
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जिले के 50 से अधिक गांवों के हजारों किसानों के लिए काली नदी आर्थिक संकट का कारण बनी हुई है। अधिकारी भी आश्वासन के अलावा कोई काम नहीं करते हैं। न ही आज तक किसानों को बर्बाद फसल का मुआवजा दिया गया है। - शमीम खां, निवासी अच्छेजा घाट
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