जो मन करे, वही करे नौजवान : कैलाश खेर
बुलंदशहर। अपनी मखमली आवाज से सुरों का जादू बिखेरने वाले पद्मश्री गायक कैलाश खेर का कहना है कि हमें अपने मन की सुननी चाहिए। मन सच बोलता है। आज के नौजवान मन की न सुनकर ही इधर-उधर भटक रहे हैं। उनका मन जो कहे, वही करें, उसी में जी-जान से जुट जाएं और उसी को करियर बनाएं। अगर दिल में संगीत की तरंगे उठते हैं तो गायक बनें। अगर कुछ और करने का मन करता है, तो वही करें। एक बार जिस रास्ते पर चल दिए, तो चल दिए, फिर पीछे मुड़कर न देखें। सबसे जरूरी है जीवन का संतुलन बनाए रखना।
जिला प्रदर्शनी में कैलाश खेर नाइट में आए गायक ने अपनी परफोरमेंस से पहले मेरठ रोड स्थित शांति दीप होटल में बातचीत के दैरान कहा, मैं 13 साल का था, तब संगीत की दुनिया में कदम रखा। रास्ता कठिन था, किंतु चलता गया। कई बार मन भटका तो संगीत से दूर भी हुआ, लेकिन फिर लौट आया। दिल ने कहा, संगीत में ही अच्छा कर सकता हूं तो इसी को करियर बना लिया।
उन्होंने कहा कि आज का युवा बहुत तेजी से आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन उसे कड़ी मेहनत के साथ संतुलन में रहना होगा, जो आज की युवा पीढ़ी नहीं कर रही है। युवाओं को बहुत ही धैर्य रखने की आवश्यकता है। वर्तमान दौर में यंत्र, तंत्र और मंत्र सभी हैं। मोबाइल होना भी यंत्र के समान है। ऐसा लगता है जैसे बंदर के हाथ में उस्तरा थमा दिया हो। इससे लाभ भी है तो हानि भी बहुत है। युवाओं को मोबाइल का प्रयोग सोच समझकर करना होगा। युवा संगीत के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने का काम करें। सबसे बड़ी बात ये है कि जो आपका मन कहे और जिस क्षेत्र में आपकी रुचि हो, उसमें करियर बनाएं और आगे बढ़ें।
दो साल से इंतजार कर रहा था बुलंदशहर
कैलाश खेर का इंतजार दो वर्ष से बुलंदशहर की जिला प्रदर्शनी में किया जा रहा था, लेकिन कोरोना के कारण दोनो वर्ष प्रदर्शनी में कैलाश खेर नाइट नहीं हो सकी। इस बार कैलाश खेर को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। नाइट देखने के लिए भी काफी संख्या में लोग पहुंचे हैं। संवाद