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ओपीडी की लखनऊ से होगी निगरानी

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ओपीडी की लखनऊ से होगी निगरानी
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बुलंदशहर। अब जिला स्तरीय अस्पतालों की ओपीडी में चिकित्सकों पर लखनऊ से नजर रखी जाएगी। ओपीडी में चिकित्सकों के नदारद रहने और देरी से पहुंचने समेत अन्य मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए जिला स्तरीय अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए महानिदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा ने आदेश जारी किए है। सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर आईडी से निदेशालय में स्थापित कंट्रोल रूम से लिंक की जाएगी। निदेशालय स्थित कंट्रोल रूम से रैंडम के आधार पर चेकिंग के साथ अस्पताल कैमरे में स्थापित कैमरे की रिकॉर्डिंग से निगरानी की जाएगी।
डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक पिछले दिनों से विभिन्न जनपदों के अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान जो भी कमियां सामने आई उनको दूर करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए। वहीं, निरीक्षण के दौरान कई अस्पतालों में दवा न मिलने और चिकित्सकों की मौजूदगी न रहने का मामला भी सामने आया। इसको देखते हुए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगवा उन्हें स्वास्थ्य महानिदेशालय लखनऊ से जोड़ने के निर्देश दिए है। जिससे की अस्पताल में हो रही गतिविधियों की जानकारी राज्य मुख्यालय को प्राप्त हो सके। जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में संचालित इमरजेंसी वार्ड समेत परिसर में अलग-अलग कक्षों में डॉक्टर की ओपीडी चलती है। ओपीडी का समय प्रात: 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक है। लेकिन ज्यादातर ओपीडी में डॉक्टर नौ व दस बजे के बाद ही पहुंचते हैं। इससे मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार डॉक्टर समय से पहले उठ जाते हैं। ऐसे में मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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महानिदेशक के निर्देशानुसार सभी ओपीडी और दवा वितरण काउंटर पर सीसीटीवी स्थापित करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी और दवा काउंटर पर सीसीटीवी लगाने के बाद उपचार व्यवस्था की ऑनलाइन निगरानी हो सकेगी। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल
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