दुर्घटना में मौत दर्शाकर क्लेम लेने के प्रयास पर पांच के खिलाफ रिपोर्ट
बुलंदशहर। सड़क हादसे में मौत दर्शाकर बीमा क्लेम और फर्जी गवाह बनाने के मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ देहात कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसआईटी के विवेचक की शिकायत के आधार पर देहात कोतवाली पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है।
कोतवाली देहात में अमर ढाबा जीटी रोड निवासी राजेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया था कि पांच दिसंबर 2013 की तड़के होटल के सामने बाइक सवार अज्ञात व्यक्ति को अज्ञात वाहन टक्कर मारकर चला गया। हादसे में बाइक सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। देहात पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की थी। हादसे में मृतक की पहचान मथुरा के थाना मंगौरा के गांव नगला झींगा निवासी जितेंद्र के रूप में हुई थी। विवेचक ने अपनी रिपोर्ट में सुधीर कुमार और अनिल कुमार निवासी गांव बिरौंडी फौलादपुर के बयान दर्ज करते हुए उनके शपथ पत्र लिए थे, जिसके आधार पर कार के चालक इरशाद अल्वी निवासी नई दिल्ली पर टक्कर मारने का आरोप लगाया था। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आरोपी इरशाद के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। इसके बाद मृतक की पत्नी राजकुमारी ने एक्सीडेंट क्लेम के लिए दावा किया था। जब कोर्ट में बीमा कंपनी के अधिवक्ता ने गवाह सुधीर से सवाल किए तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका था। इसके बाद मोटर क्लेम ट्रिब्यूनल ने गवाह सुधीर कुमार की घटनास्थल पर मौजूदगी को संदिग्ध माना और प्रकरण की जांच एसआईटी से कराने के आदेश दिए थे। जांच में पता चला कि हादसे के वक्त कोई गवाह मौके पर नहीं था। गवाह सुधीर कुमार, अनिल कुमार व वाहन स्वामी चालक इरशाद के विवेचक को दिए गए बयान एवं कोर्ट में दिए गए बयान तथा जांच के दौरान दिए गए बयान आपस में मेल नहीं खा रहे थे। जिसके बाद साफ हो गया कि साजिश के तहत बीमा क्लेम लेने के लिए पूरा खेल किया गया। अब मामले में एसआइटी के विवेचक युगल किशोर ने मृतक की पत्नी राजकुमारी निवासी मथुरा, बच्चू सिंह निवासी मथुरा, सुधीर कुमार एवं अनिल कुमार निवासी गांव बिरौड़ीफौलादपुर, कोतवाली देहात तथा इरशाद अल्वी निवासी निजामुद्दीन वेस्ट नई दिल्ली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।