बुलंदशहर। वाशिंग मशीन के खराब होने पर उसे ठीक न करने और न बदलने के मामले में अब उपभोक्ता आयोग ने फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी के डीलर और कंपनी प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि मशीन की रकम को मय ब्याज के क्रेता को वापस किया जाए।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह के पीए शेखर वर्मा ने बताया कि नगर के मोहल्ला सुशीला विहार निवासी हेमलता ने नौ नवंबर 2012 को लाजपतपुरी स्थित नवभारत इलेक्ट्रॉनिक्स से एक एलजी कंपनी की वाशिंग मशीन 22 हजार रुपये में खरीदी थी। मशीन खरीदने के दौरान 10 साल की वारंटी भी दी गई थी, लेकिन तीन जनवरी 2023 को मशीन में खराबी आ गई। इसके बाद शिकायत करने पर मशीन को ठीक किया गया। आरोप है कि 28 मई 2013 को मशीन फिर से खराब हो गई। इसके बाद 10 से अधिक बार वाशिंग मशीन खराब हुई और बार-बार कंपनी के इंजीनियर द्वारा उसे ठीक करते हुए सर्विस चार्ज समेत अन्य रकम भी उससे ली गई। इसके बाद 16 जुलाई 2022 को मशीन को डीलर के पास बदलने के लिए जमा करा दिया। इसके बाद 20 दिन तक उसे शोरूम के चक्कर लगवाए गए, लेकिन मशीन नहीं बदली गई। बाद में आरोपियों ने कहा कि यह निर्माण दोष नहीं है, इसके चलते मशीन को बदला नहीं जाएगा। इसके चलते नौ अक्तूबर 2022 को 33500 रुपये में नई मशीन खरीद ली गई। साथ ही मशीन की धनराशि वापस लेने के लिए उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। मामले में उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह और सामान्य सदस्य मोहित कुमार त्यागी ने कंपनी के डीलर और कंपनी के अधिकारियों के साथ क्रेता पक्ष की दलीलें सुनी और फैसला सुनाया कि मशीन खरीद की कीमत 19800 रुपये को 45 दिन के अंदर मय ब्याज के अदा किया जाए। साथ ही 10 हजार रुपये वाद व्यय के तौर पर भी पीड़ित को दिए जाएं।