खुर्जा जंक्शन। शाहपुर कला गांव में बुखार से रविवार सुबह 75 वर्षीय महिला की मौत हो गई। बीते एक सप्ताह में बीमारी से यह पांचवीं मौत है। वृद्ध महिला को बुखार के साथ-साथ सांस की भी परेशानी थी, जिसके चलते उनका बुलंदशहर के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। बीमारी से हो रही मौतों से गांव में दहशत का माहौल है।
गांव में रहने वाले धर्मेंद्र ने बताया कि पड़ोस की रहने वाली शांति देवी (78) पिछले आठ दिनों से बीमार थीं। शांति देवी को पहले से ही सांस की बीमारी थी। पिछले सप्ताह अचानक उनको तेज बुखार आया और सांस लेने में परेशानी होने लगी। इस पर परिजनों ने बुलंदशहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर कोई राहत नहीं मिल सकी।
शनिवार को शिकारपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया तो वहां पर देर रात तक कोई राहत नहीं मिल सकी। इसके बाद परिजन शांति देवी को गांव वापस लेकर आ गए। जहां पर रविवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। धर्मेंद्र ने बताया कि शांति देवी के तीन बेटे थे, जिसमें सबसे बड़े बेटे अजीत की तीन साल पहले मौत हो गई। सुनील बाहर रहते हैं और प्रतेंद्र गांव में ही खेती करते हैं, जिनके पास शांति देवी रहती थीं।
प्रतेंद्र को तेज बुखार है, जिसके चलते वह भी बुलंदशहर के अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसे में अजीत के बेटे और शांति देवी के पौत्र दिव्यांश ने अंतिम संस्कार किया। गांव अलग-अलग बीमारियों से हो रही मौत से ग्रामीण काफी दहशत में है। बीते सात दिनों में पांच मौत हो चुकी है, जिसमें से तीन वृद्ध थे। इसके अलावा गांव में 100 से ज्यादा मरीज बुखार से ग्रस्त हैं।
ग्रामीणों की मौत के बाद गंभीर हुआ प्रशासन
ग्रामीण अमित का कहना है कि गांव में जगह-जगह गंदगी के अंबार लगे हुए हैं और नालियों की कई माह से सफाई भी नहीं हुई। रास्ते भी जर्जर व बदहाल हैं, जहां पर जलभराव व कीचड़ की समस्या रहती है। बीमारियों से ग्रामीणों की मौत के बाद प्रशासन गंभीर हुआ है। ग्राम पंचायत की ओर से शनिवार से सड़कों व नालियों की सफाई कराई गई और फॉगिंग कराई गई। यदि यह सफाई पहले ही हो जाती तो इस तरह बीमारी नहीं फैलती।
रविवार को गांव में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 100 मरीजों की मलेरिया, टाइफाइड व डेंगू की जांच की गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव रही है। गांव में जो वृद्धा की मौत हुई है। उनको सांस की भी परेशानी थी। बुखार व अन्य बीमारियों की जांच रिपोर्ट देखी जाएंगी। - डॉ. प्रवीन कुमार, प्रभारी चिकित्सक, धरपा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र