गांव कोटा निवासी मोनिका पढ़ाई में शुरू से होनहार थी। उसने एमए, बीएड और नेट जेआरएफ की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वर्ष 2014 में मोनिका दिल्ली पुलिस में महिला सिपाही के पद पर भर्ती हुई। परिजन अपनी बेटी को बड़ा अफसर बनता देखना चाहते थे।
बता दें कि वर्ष 2018 में गांव कोटा निवासी महिला कांस्टेबल मोनिका की पीसीआर में तैनात हैड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह राणा से मिलना जुलना हुआ। आरोपी ने सितंबर 2021 में अगवा करने के बाद मोनिका की गला घोंटकर हत्या कर दी। उसका शव पत्थर से बांधकर दिल्ली के बुराड़ी पुश्ता के पास नाले में डुबा दिया गया था। 20 अक्टूबर 2021 में मोनिका की गुमशुदगी मुखर्जी नगर थाने में दर्ज की गई थी। जिसमें कहा गया गया था कि मोनिका 8 सितंबर 2021 से लापता थी।
इस वर्ष अप्रैल में सिपाही के परिजनों ने दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा से मिलकर न्याय की गुहार लगाई थी। जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अब दो साल बाद मोनिका का कंकाल बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर नाले से मोनिका का कंकाल बरामद किया है। मृतका के भाई ने बताया कि वह अभी ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। मृतका तीन बहनों में सबसे छोटी थी।