10 दिन में 14 छेड़छाड़ के मामले दर्ज, नहीं थम रहे महिला अपराध
बुलंदशहर। जनपद में छेड़छाड़ की वारदातों पर अंकुश लगा पाना जनपद पुलिस के लिए चुनौती साबित हो रहा है। यही नहीं आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रत्येक 30 घंटे पर छेड़छाड़ से संबंधित वारदात थानों पर दर्ज की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर एंटी रोमियो स्क्वायड ठंडे बस्ते में चला गया है।
जनपद भर में बीते 10 दिनों में नगर कोतवाली, देहात कोतवाली, सिकंदराबाद, औरंगाबाद, खुर्जा और खानपुर में करीब 14 मामले छेड़खानी के दर्ज किए गए। इसके अलावा कई मामले ऐसे भी होते हैं, जिन्हें पुलिस दर्ज नहीं करती है और मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। पुलिस ने यह मामले तो दर्ज किए लेकिन, वारदातों पर अंकुश लगा पाना पुलिस के लिए कड़ी चुनौती साबित हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर मामले दर्ज कर जांच की जाती है। साथ ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया जा रहा है।
महिलाओं ने कहा
महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और अपराधों पर रोक लगाने के लिए पुलिस को सख्त कदम उठाने होंगे। महिलाओं को भी अपने खिलाफ हो रहे अपराधों के खिलाफ आवाज उठानी होगी। - विधि यथार्थ अग्रवाल
बाजारों में निकलना आज चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है, मनचले आए दिन छींटाकशी आदि करते रहते हैं। इनके खिलाफ सख्त से सख्त कदम भविष्य में उठाए जाएं।
- निशु चौधरी
सरकार महिला अपराधों के प्रति प्रयत्नशील नजर आती है, लेकिन वही जमीनी स्तर पर दावे फेल होते दिखाई पड़ते हैं। पुलिस प्रशासन को ठोस कदम उठाने होंगे। - रजनी अग्रवाल
जनपद में बढ़ रहे महिला अपराध चिंता का सबब है। शोहदों के खिलाफ पुलिस महकमे को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिस सादी वर्दी में नजर बनाए रखें, तो ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। - अंशु बंसल
छेड़छाड़, दुष्कर्म आदि महिला अपराधों में संलिप्त अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। हम उन्हें जल्द से जल्द सजा दिलवाकर रहेंगे।
- रामसखी कठेरिया, सदस्य राज्य महिला आयोग