नई सरकार से व्यापारियों को जीएसटी के सरलीकरण की उम्मीद
शिकारपुर। जीएसटी लागू करने के दौरान एक राष्ट्र एक टैक्स की घोषणा की गई थी। व्यापारी वर्ग आज भी इससे खुश नहीं है और नई सरकार से इसके सरलीकरण की मांग कर रहे हैं। संवाद के दौरान व्यापारियों ने कहा कि अब भी जीएसटी व्यापारियों के लिए पहेली बना हुआ है। कोरोना काल में लॉकडाउन के चलते व्यापारियों पर टैक्स की मार पड़ी, लेकिन सरकार ने एक न सुनी, जिससे धंधा चौपट हो गया। वैरीना रोड पर आयोजित संवाद में व्यापारियों ने कहा कि चुनाव के दौरान सभी दलों को व्यापारी सम्मेलन आयोजित करने की सूझती है लेकिन चुनाव में प्रतिनिधि चुनने के बाद वह व्यापारियों को भूल जाते हैं।
बोले व्यापारी
जिस प्रकार से शिक्षक स्नातक क्षेत्र से एमएलसी का चुनाव होता है। उसी प्रकार व्यापारी वर्ग का भी एक एमएलसी चुना जाना चाहिए। जो सरकार में व्यापारियों का पक्ष रख सके। जिस तरह से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं और यदि लॉकडाउन लगता है तो व्यापारियों से जीएसटी का बोझ हल्का होना चाहिए। - वीरेंद्र कुमार गर्ग, नगर अध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल
व्यापारियों को सुरक्षा मिलनी चाहिए तथा वरीयता के आधार पर उनके शस्त्र लाइसेंस बनने चाहिए। लाइसेंस न बनाए जाने के कारण व्यापारियों में असुरक्षा की भावना रहती है। व्यापारियों की सुरक्षा के लिए नई सरकार से काफी उम्मीद हैं। - गौरव मित्तल, नगर अध्यक्ष, व्यापार सुरक्षा फोरम
खाद्य विभाग से व्यापारियों को एक साल का लाइसेंस जारी किया जाता है लेकिन 11 माह के अन्दर नवीनीकरण न कराने पर एक्सपायर मान लिया जाता है। उस पर 100 रुपये प्रतिदिन की पेनल्टी शुरू हो जाती है। विलंब होने पर पेनल्टी से बचने के लिए व्यापारी हर वर्ष नया लाइसेंस बनवाने को मजबूर होता है। - मनीष गुप्ता, नगर अध्यक्ष, संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल
जिस प्रकार सरकार ने किसानों के लिए किसान सम्मान निधि शुरू की है उसी प्रकार 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यापारियों को व्यापारी सम्मान निधि शुरू करनी चाहिए। जिससे बुजुर्ग व्यापारियों को लाभ मिल सके। - विजय कुमार मित्तल, जिला उपाध्यक्ष, व्यापारी सुरक्षा फोरम