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Bulandshahar News: प्लास्टर गिरने से बच्चे की मौत, चार लोग घायल

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अर्श का फाइल फोटो।  - फोटो : संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बुगरासी। कस्बे के मोहल्ला कंकर वाला में घर में सो रहे परिवार के लोगों के ऊपर लिंटर का प्लास्टर टूटकर गिर गया। प्लास्टर के नीचे दबकर परिवार के पांच लोग घायल हो गए। गंभीर हालत में लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से आठ वर्षीय मासूम की हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया। जिला अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही बच्चे की मौत हो गई।



कस्बे के मोहल्ला कंकर वाला में रईस अपने परिवार के साथ घर में सोया हुआ था। रविवार तड़के लिंटर का प्लास्टर अचानक छूटकर सो रहे परिवार के ऊपर आ गिरा। जिसके चलते रईस, उनकी पत्नी सोनी व रईस के बच्चे आठ वर्षीय अर्श, अल्फिशा व रय्यान घायल हो गए। अर्श के सिर पर सीमेंट का बड़ा टुकड़ा गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्लास्टर गिरने के बाद मची चीख पुकार पर लोग मौके पर एकत्रित हुए। जिसके बाद सभी घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने आठ वर्षीय अर्श को गंभीर हालत के कारण जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही अर्श की मौत हो गई। अर्श का शव घर में पहुंचते ही हाहाकार मच गया। अन्य घायलों का निजी क्लीनिक में इलाज चल रहा है।
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पिता बोले- उपचार मिलता तो बच सकती थी अर्श की जान
मृतक अर्श के पिता रईस का आरोप है कि घायल अर्श को सीएचसी ले जाया गया था। इस दौरान चिकित्सकों ने घायल को दवाई देने के बजाए हालत को गंभीर बताते हुए रेफर का पर्चा बना दिया। कहा कि यदि अस्पताल में बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया जाता तो शायद अर्श की जान बच सकती थी।

परिजनों से मिले एसडीएम

घटना की सूचना पर एसडीएम गजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बच्चे के पोस्टमार्टम के लिए भी परिजनों से कहा लेकिन, परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। एसडीएम ने परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। बाद में रविवार शाम को परिजनों ने बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया।
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स्याना सीएचसी के प्रभारी डॉ.हिमाशु वर्मा ने बताया कि अर्श की नाक से खून आ रहा था और सिर में अंदरूनी चोट लगी थी। सिर की अंदरूनी चोट के लिए अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। जिस कारण बच्चे को तत्काल रेफर कर दिया गया था। यदि बच्चे को बाहरी चोट होती तो प्राथमिक उपचार किया जाता।
एसडीएम गजेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार मदद कराई जाएगी।
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