खुर्जा विकास प्राधिकरण का कार्यालय। संवाद
बुलंदशहर/खुर्जा। खुर्जा विकास प्राधिकरण की महायोजना-2031 को भी शासन ने स्वीकृति दे दी है। इससे क्षेत्र में विकास कार्य होंगे और रोजगार भी बढ़ेगा। महायोजना-2031 पास होने पर क्षेत्र में सिरेमिक उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सिरेमिक हाट बनाए जाएंगे। 2031 की अनुमानित जनसंख्या को देख औद्योगिक एवं आवासीय क्षेत्रफल भी बढ़ेगा। महायोजना के लिए 30 करोड़ के तीन नए निवेश को लेकर स्वीकृति भी मिल गई है।
मई माह में शासन को खुर्जा विकास प्राधिकरण महायोजना प्रारुप-2031 का प्रस्तुतीकरण सौंपा गया था। इससे पूर्व महायोजना के प्रारुप में खामी होने पर समय-समय पर प्रारुप में बदलाव किया गया। तीन माह बाद महायोजना-2031 का प्रारुप पास हो गया। प्राधिकरण सचिव ज्योत्सना यादव ने बताया कि जेवर हवाई अड्डा, ईडीएफसी और एफटीडब्ल्यूजेड परियोजनाओं के पास खुर्जा प्राधिकरण का क्षेत्र है। इसके चलते खुर्जा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भविष्य में अत्यधिक लाभ पहुंचेगा। इसको ध्यान में रख खुर्जा महायोजना-2031 का प्रारुप बनाया गया। जो पास होने पर अब यहां पर सिरेमिक हाट बनाने के साथ औद्योगिक, व्यावसायिक एवं आवासीय भूमि का क्षेत्र बढ़ेगा। खुर्जा बाईपास के किनारे सिरेमिक हाट के लिए स्थान निर्धारित कर दिया है। करीब 900 हेक्टेयर का नया लैंड यूज भी प्रस्तावित है।
बताया कि खुर्जा प्राधिकरण को अब सात जोन में बांटा जाएगा। जेवर रोड, मूड़ाखेड़ा, शिकारपुर रोड व दिल्ली-बुलंदशहर रोड पर औद्योगिक एवं आवासीय कार्य में प्रयोग किया जाएगा। प्राधिकरण को निवेश करने के लिए चार प्रस्ताव मिले। इसमें 30 करोड़ के तीन निवेश के प्रस्ताव पास हो गए हैं। इनसे हाउंसिंग, प्लॉटिंग और सीएनजी स्टेशन बनेंगे। साथ ही रोजगार के साथ बढ़ेंगे। साथ ही अन्य सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होगी और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जाएंगे।
खुर्जा विकास प्राधिकरण की महायोजना-2031 पास होने पर तीन परियाेजनाओं के मध्य बसे खुर्जा के सिरेमिक उद्योग काे बढ़ावा देने के लिए विस्तार किया जाएगा। आवासीय, व्यावसायिक एवं औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार होने से रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे। क्षेत्र में नए निवेश होने पर सौंदर्यीकरण भी होगा। - डॉ. अंकुर लाठर, प्राधिकरण उपाध्यक्ष