ससुराल गए युवक का तीन दिन बाद मिला कटा हुआ सिर
डिबाई। थाना क्षेत्र के गांव अकरवास का माजरा रल्ला निवासी युवक का सिर तीन दिन बाद उसके ससुराल के गांव बामनी के जंगल में बुधवार देर रात मिला। बताया गया कि गत रविवार को वह गांव से अपनी ससुराल क्षेत्र के गांव बामनी एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गया। लेकिन, वापस नहीं लौटा। सोमवार सुबह को अलीगढ़ जनपद के अतरौली थाना क्षेत्र के गांव जादमपुर में उसका सिरविहीन शव बरामद हुआ था। जिसके बाद से पुलिस को उसके सिर की तलाश थी।
कोतवाली क्षेत्र के गांव अकरवास का माजरा गांव रल्ला निवासी गोपाल सिंह (32) की ससुराल क्षेत्र के गांव बामनी में है। रविवार देर रात को वह अपनी ससुराल में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गांव बामनी गया था। घर पर उसकी पत्नी, मां व बच्चे मौजूद थे। लेकिन, ससुराल से वह वापस नहीं लौटा। सोमवार सुबह अलीगढ़ जनपद के गांव जादमपुर में रजवाहे के निकट एक व्यक्ति का सिरविहीन शव बरामद हुआ था। अलीगढ़ पुलिस मृतक के सिर की तलाश में जुटी हुई थी। सिर न मिल पाने के कारण उसकी शिनाख्त भी नहीं हो सकी थी। बुधवार देर रात मृतक की ससुराल बामनी के एक व्यक्ति के खेत में उसका सिर लोगों ने पड़ा हुआ देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक की शिनाख्त की गोपाल सिंह के रूप में की और अतरौली पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद जांच में सामने आया कि अतरौली में मिला सिर विहीन शव मृतक गोपाल सिंह का ही था। जिसके बाद पुलिस ने मृृतक के परिजनों को जानकारी दे दी है। आशंका जताई जा रही है कि गोपाल की हत्या गांव बामनी में ही कर सिर और शव को अलग-अलग फेंका गया। जिससे कि उसकी पहचान करने में पुलिस को मुश्किलों का सामना करना पड़े। हालांकि, बृहस्पतिवार शाम तक मामले में परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। मृतक के परिवार में पत्नी लक्ष्मी दो पुत्र माधव, रोबिन व पुत्री विशाखा और रूबी हैं।
कोट =
मामले में अभी परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। बामनी के जंगल में मिला सिर गोपाल सिंह का ही है। उसका सिरविहीन शव सोमवार को अलीगढ़ के अतरौली थाना क्षेत्र के गांव जादमपुर के जंगल में मिला था। विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही वारदात का राजफाश कर दिया जाएगा।
- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी