शिकारपुर से किरनपाल, सिकंदराबाद से राहुल, डिबाई पर संशय बरकरार
बुलंदशहर। विपक्षी दलों ने भी चुनाव के लिए अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को सपा और रालोद के गठबंधन की ओर से सिकंदराबाद, शिकारपुर सीट पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए। अब केवल डिबाई और खुर्जा सीट पर प्रत्याशियों का इंतजार है। वहीं बसपा की ओर से सदर सीट पर अभी तक किसी भी प्रत्याशी का नाम तय नहीं किया गया है। जबकि कांग्रेस पार्टी ने अभी तक जिले में किसी भी विधानसभा पर प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की है। सिकंदराबाद सीट से गठबंधन ने एमएलसी जितेंद्र यादव के बेटे राहुल यादव को प्रत्याशी घोषित किया है। प्रत्याशी की घोषणा होने के बाद पार्टी के सिकंदराबाद कार्यालय पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। मौके पर सपा नगर अध्यक्ष मोहम्मद आशिकीन डॉक्टर मुरसद करीम परमिंदर यादव रफीक उद्दीन पहलवान मौजूद रहे।
रालोद ने शिकारपुर में पूर्व मंत्री को बनाया प्रत्याशी
सपा और रालोद गठबंधन ने शिकारपुर विधानसभा पर भी अपने पत्ते खोल दिए हैं। उन्होंने हाल ही में पार्टी में शामिल हुए पूर्व मंत्री किरनपाल सिंह को मैदान में भेजा है। 1993 के विधानसभा चुनाव में किरनपाल सिंह ने अगौता विधानसभा से जनता दल और 2002 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। मुलायम सरकार में वह केबिनेट मंत्री रहे।
बसपा ने शिकारपुर से रफीक को दिया मौका
बसपा की ओर से शिकारपुर विधानसभा के लिए खुर्जा नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष रफीक फड्डा को मौका दिया है। बसपा की सूची में रफीक फड्डा पहले मुस्लिम प्रत्याशी हैं। अन्य सभी सीटों पर बसपा ने ब्राह्मण, लोधी, गुर्जर व जाटव समाज के लोगों को टिकट दिया है।