भाजपा ने चार सीटों पर उतारे नए चेहरे, तीन पर जताया भरोसा
बुलंदशहर। विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने सातों सीटों पर अपने पत्ते खोल दिए हैं। जिले के सात विधायकों में से चार विधायकों का टिकट काटते हुए नए चेहरों को तरजीह दी है, जबकि तीन पर पुराने प्रत्याशी पर ही भरोसा जताया है।
सदर सीट पर पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह सिरोही की पत्नी उषा सिरोही का टिकट काटा गया है। यहां पर पार्टी ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रदीप चौधरी पर भरोसा जताते हुए पार्टी का टिकट दिया है। सिकंदराबाद सीट पर दो बार की विधायक विमला सोलंकी का टिकट काटते हुए भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मीराज सिंह को टिकट मिला है। लक्ष्मीराज जिले में भाजपा के सबसे युवा प्रत्याशी हैं। दलित वर्ग के एक मात्र विधायक खुर्जा से विजेंद्र खटीक का टिकट फिर काटा गया है और मीनाक्षी सिंह को वहां से प्रत्याशी बनाया है, जबकि राज्यमंत्री अनिल शर्मा, अनूपशहर विधायक संजय शर्मा और स्याना विधायक देवेंद्र लोधी के कार्यों पर पार्टी ने भरोसा जताते हुए दोबारा मैदान में भेजा है। 2017 में डिबाई विधायक डा. अनीता लोधी ने 65630 और खुर्जा से विजेंद्र खटीक ने 64299 वोटों से विजय हासिल की थी, लेकिन इस बार वह अपना टिकट नहीं बचा सके।
गोपनीय सर्वे बना टिकट कटने का मुख्य कारण
भाजपा की ओर से विधायकों की जनता के बीच पैठ और छवि को देखने के लिए कराया गया गोपनीय सर्वे टिकट कटने का मुख्य कारण बना। बताया जा रहा है कि सर्वे के दौरान खुर्जा, सिकंदराबाद, डिबाई और बुलंदशहर के विधायक के बारे में जनता की ओर से फीडबैक ठीक नहीं दी गई थी। जनता के बीच नाराजगी की बात जब हाईकमान तक पहुंची तो उन्होंने रिस्क लेने के बजाए प्रत्याशियों को बदलने को महत्व दिया।
प्रत्याशियों का ब्योरा
प्रदीप चौधरी : सदर से प्रत्याशी बनाए गए प्रदीप चौधरी वर्ष 2018 में जिला पंचायत अध्यक्ष रहे हैं। पिछले कई वर्षों से सदर सीट पर टिकट के लिए तैयारी कर रहे थे। पार्टी के कार्यक्रमों में भी उन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।
अनिल शर्मा : वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री अनिल शर्मा वर्ष 2017 के चुनाव में पहली बार भाजपा के टिकट पर शिकारपुर विधानसभा से चुनाव लड़े थे। इसके बाद वर्ष 2019-20 में इन्हें सरकार ने वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री बनाया था। इससे पहले उन्होंने खुर्जा विधानसभा से बसपा के टिकट पर दो बार चुनाव लड़ा और विधायक बने थे।
संजय शर्मा : अनूपशहर विधायक प्रत्याशी संजय शर्मा ने वर्ष 2017 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और विधायक बने थे। इससे पहले उन्होंने पार्टी से एमएलसी का चुनाव लड़ा था, लेकिन हार मिली थी। संजय शर्मा उमा भारती के काफी करीबी माने जाते हैं।
देवेंद्र सिंह लोधी : वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा ने पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के करीबी देवेंद्र सिंह लोधी को मैदान में उतारा था। देवेंद्र सिंह करीब 70 हजार वोटों से जीतकर विधायक बने थे। इसके बाद वह पार्टी में लगातार सक्रिय थे।
लक्ष्मीराज सिंह : कालेज के समय से ही छात्र राजनीति में उतरे थे और छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे। इसके बाद पार्टी में आए और भाजयुमो के जिलाध्यक्ष रहे। वर्तमान में इनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य हैं। लक्ष्मीराज पार्टी के कार्यक्रमों में वह लगातार सक्रिय रहे हैं।
मीनाक्षी सिंह : अधिवक्ता मीनाक्षी सिंह महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री रहीं हैं। इन्होंने पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कदम बढ़ाए और उनकी मेहनत का परिणाम पार्टी ने उन्हें टिकट देकर दिया है।
सीपी सिंह : डिबाई सीट से प्रत्याशी सीपी सिंह को पहली बार भाजपा ने टिकट दिया है। दुग्ध कारोबारी सीपी सिंह उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में दूध की सप्लाई करते हैं। 10 से अधिक वर्षों से लोधी समाज की गरीब कन्याओं की शादी करा रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के काफी करीबी हैं।
विधानसभा सीटों पर घोषित भाजपा प्रत्याशी
विधानसभा भाजपा प्रत्याशी
बुलंदशहर प्रदीप चौधरी
शिकारपुर अनिल शर्मा
स्याना देवेंद्र लोधी
सिकंदराबाद लक्ष्मीराज सिंह
खुर्जा मीनाक्षी सिंह
डिबाई सीपी सिंह
इस बार भी लहराएगा भगवा
हाईकमान की ओर से सातों सीटों पर प्रत्याशियों की सूची जारी की है। पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता सभी प्रत्याशियों को जिताने के लिए जी-जान से मेहनत करेंगे और विश्वास है कि पिछले चुनाव की तरह सातों सीटों पर विजय प्राप्त होगी।
- अनिल सिसौदिया, जिलाध्यक्ष, भाजपा