ढांग गिरने से किसान की मौत, 10 घंटे चला रेस्क्यू
औरंगाबाद। थाना क्षेत्र के गांव नगलाकरन में रविवार शाम नलकूप की ढांग गिरने से दबे किसान को एनडीआरएफ की टीम ने 10 घंटे के रेस्क्यू के बाद मृत निकाला। इस दौरान मौके पर देर रात तक हंगामा होता रहा।
गांव नगलाकरन निवासी किसान अरुण शर्मा रविवार दोपहर नलकूप पर विद्युत मोटर को बदल रहा था। इस दौरान मिट्टी की ढांग अरुण के ऊपर आकर गिर और वह दब गया था। रात दो बजे एनडीआरएफ की टीम ने करीब 25 फिट गहरा गड्ढा खोदकर दबे किसान अरुण अरुण शर्मा 30 के शव को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने की प्रशासन से मांग की है। सूचना पर अनूपशहर विधायक संजय शर्मा, पूर्व विधायक गुड्डू पंडित, पूर्व विधायक मुकेश शर्मा, पूर्व चेयरमैन राजकुमार लोधी, जिला पंचायत सदस्य शैलेश शर्मा मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। साथ ही हर संभव मदद का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। सोमवार को किसान का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ट्वीट करते ही हरकत में आया प्रशासन
रालोद नेता डॉ. भीष्म सिंह मौके पर पहुंचे तो वहां प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी नहीं था। न ही वहां रेस्क्यू अभियान चलाने के संसाधन थे। उन्होंने डीएम को फोन किया तब जाकर एडीएम और एसडीएम सदर पहुंचे। भीष्म सिंह ने एनडीआरएफ बुलाने की मांग की तो अधिकारी उन पर उल्टा भड़क गए। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने उनकी जमकर नोकझोंक हुई। बाद में उन्होंने एनडीआरएफ के सेनानायक को ट्वीट किया एनडीआरएफ की टीम रात 12 बजे मौके पर पहुंची।
चार घंटे बाद पहुंचे अधिकारी
ग्रामीणों के गुस्से और हंगामे की सूचना पर एडीएम विवेक कुमार मिश्र, एसडीएम सदर मोनिका सिंह, सीओ सिटी आईपीएस शशांक सिंह, सीओ स्याना सीओ अलका सिंह करीब चार घंटे बाद मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचते ही भीड़ बढ़ गई। कई गांवों के सैकड़ों किसान मौके पर आ गए। ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा।