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वार्ता विफल, हड़ताल के समर्थन में आए प्राइवेट डॉक्टर

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जिला अस्पताल में हड़ताल के दौरान धरना प्रदर्शन करते चिकित्सक। - फोटो : BULANDSHAHR
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वार्ता विफल, हड़ताल के समर्थन में आए प्राइवेट डॉक्टर
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल के डॉक्टरों और किसानों के बीच चल रहे विवाद का हल बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी नहीं निकला। अब तक डीएम से हुई तीन दौर की वार्ता भी विफल हो गई। डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि जब तक अभद्रता करने वाले किसानों की गिरफ्तारी नहीं होगी वह मरीजों का इलाज नहीं करेंगे। उधर निजी डॉक्टरों के संगठन आईएमए ने भी कार्रवाई न होने पर हड़ताल करने की चेतावनी दी है।
जिला अस्पताल के डॉक्टरों के समर्थन में आईएमए भी आ गई है।आईएमए के सचिव डॉ. संजीव अग्रवाल ने कहा कि सरकारी और निजी अस्पतालों में डॉक्टरों से मारपीट और अभद्रता के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में डॉक्टर से अभद्रता के तीन दिन बाद भी प्रशासन द्वारा कोई कड़ी कार्रवाई न किए जाने पर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ द्वारा कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया जा रहा है। जल्द आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आईएमए भी जिलेभर में हड़ताल कर सरकारी चिकित्सकों का साथ आएगी। उधर, डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. जगदीश पाल तेवतिया और जिला मंत्री डॉ. डीके दूबे ने बताया कि डीपीए भी चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किए जा रहे कार्य बहिष्कार का समर्थन करता है और शुक्रवार को जिलेभर के फार्मासिस्ट जिला मुख्यालय पर चल रहे धरना प्रदर्शन में शामिल होंगे। इस दौरान संयुक्त सचिव डॉ. परवेंद्र, चीफ फार्मासिस्ट डॉ. जगदीश पाल तेवतिया, डॉ. डीके दूबे, डॉ. विपिन गुप्ता, डॉ. भूपेंद्र शर्मा, डॉ. अमित माथुर, चीफ फार्मासिस्ट मदनलाल और डॉ. पंकज उपाध्याय समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
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इमरजेंसी में सिर्फ 306 मरीजों का उपचार
वायरल का प्रकोप बढ़ने पर जिला अस्पताल में इमरजेंसी के बाहर एक टेबल पर डॉ. पंकज उपाध्याय और डॉ. अरूण कुमार ने 306 मरीजों का प्राथमिक उपचार किया। वहीं, 26 मरीजों को भर्ती भी करवाया। उधर, आंखों और खून की जांच समेत अन्य प्रकार के मरीज को निराश लौटना पड़ा। जिला अस्पताल में ही रोजना करीब एक हजार लोग मरीज पहुंच रहे हैं।
बोले मरीज
स्याना से जिला अस्पताल में आंख बनवाने के लिए आई थी। काफी मुश्किलों का सामना कर किसी प्रकार सुबह ओपीडी खुलने से पूर्व जिला अस्पताल पहुंची। यहां तीन घंटे तक ओपीडी खुलने का इंतजार किया। अब बैरंग लौटना पड़ा। - अनीशा
कुत्ते के काटने पर एआरवी लगवाने के लिए जिला अस्पताल आया। बुधवार को बैरंग लौटने पर बृहस्पतिवार को एआरवी लगने की उम्मीद थी। लेकिन अब बाजार से खरीदकर लगवानी पड़ेगी। - धीरज चौहान
ब्लड में इंफेक्शन होने पर सुबह से ओपीडी खुलने का इंतजार कर रही हूं। प्रशासन से मांग है कि जनहित में उचित समाधान करें। - गुड्डी
कोट
तीन बार जिला प्रशासन से वार्ता हुई। कोई ठोस समाधान न किए जाने पर विरोध शुक्रवार को भी जारी रहेगा। प्रदेश स्तर से भी समर्थन मिला है। साथ ही आईएमए और डिप्लेमा फार्मासिस्ट द्वारा विरोध प्रदर्शन का समर्थन देने की घोषणा की गई है। - आशीष प्रकाश, अध्यक्ष प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ
इमरजेंसी सेवाएं चालू
चिकित्सकों से वायरल फीवर की ओपीडी सेवा शुरू करवा दी गई है। अन्य ओपीडी बंद रहने पर इमरजेंसी सेवाएं चालू रखी। गंभीर मरीज इमरजेंसी में उपचार करा सकते हैं। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस
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सुरक्षा की दृष्टि से तैनात किए जाएंगे पुलिसकर्मी : डीएम
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों के दल से बृहस्पतिवार को डीएम रविंद्र कुमार ने वार्ता की। साथ ही संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन के संबंध में सभी बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया। डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल में भीड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाएं जाए, अंतिसंवेदनशील स्थानों पर ऑडियो युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षा को लेकर पुलिस बूथ के लिए स्थान चिन्हित कर ओपीडी के समय तक पुलिस पिकेट तैनात करने की व्यवस्था की जाए। पुलिस विभाग को रोस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए है। इस दौरान एसएसपी संतोष कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. विनय कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट जगदंबा सिंह आदि मौजूद रहे।
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