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तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए 27 से बंटेगी दवा किट

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amar ujala - फोटो : amar ujala
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तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए 27 से बंटेगी दवा किट
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बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए बुलंदशहर में तैयारी शुरू हो चुकी है। इसके लिए 17 वर्ष तक के किशोरों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। शासन ने बच्चों के लिए कोरोना से बचाव के लिए दवाई की 31,250 किट भेजी है। इन किटों को निगरानी समितियों के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों और किशोरियों को उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने 1,286 निगरानी समितियों की ड्यूटी कोरोना दवा किट के वितरण में लगाई है। 27 जून से किट बांटने की तैयारी में विभाग जुट गया है।
दवाओं को उम्र के हिसाब से चार वर्गों में बांटा गया है। किशोरियों के लिए टैबलेट और बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के सीरप इन किटों में शामिल हैं, जो वेयर हाउस से सरकारी चिकित्सालयों को वितरित की जा रही हैं।
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बनाए गए हैं चार वर्ग
शासन ने बच्चों और किशोरों को चार आयु वर्ग में बांटा है।
- पहला 12 माह तक यानी एक वर्ष
- दूसरा एक से पांच वर्ष
- तीसरा छह से 12 वर्ष
- चौथा 13 से 18 साल
- हर श्रेणी की अलग-अलग किट बनाई गई है। शून्य से पांच साल तक के बच्चों को आइवरमेक्टिन और एजिथ्रोमाइसिन नहीं दी जाएगी। दवाएं सीरप के रूप में दी जाएंगी।
- छह से 12 वर्ष तक के बच्चों को कम मात्रा वाली दवाएं दी जाएगी तो 13 से 17 वर्ष तक के बच्चों को सामान्य दवाएं दी जाएंगी।
किट में यह दवाएं हैं शामिल
शून्य से 12 माह - पैरासिटामॉल ड्रॉप्स दो, मल्टीविटामिन ड्रॉप्स एक और ओआरएस घोल दो पैकेट
एक से पांच साल - पैरासिटामॉल सिरप एक, मल्टीविटामिन सिरप एक और ओआरएस घोल दो पैकेट
छह से 12 साल - पैरासिटामॉल टैबलेट 500 एमजी आठ गोली, बी कॉम्पलेक्स सात गोली, आइवरमेक्टिन छह एमजी तीन गोली और ओआरएस घोल दो पैकेट
13 से 17 साल तक - पैरासिटामॉल टेबलेट 650 एमजी 15 गोली, बी कॉम्पलेक्स सात गोली, आइवरमेक्टिन 12 एमजी तीन गोली, विटामिन बी सात गोली, एब्सकॉरबिक एसिड सात गोली और विटामिन डी की तीन गोली
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कोरोना के लक्षण वाले घरों में दी जाएगी किट
जिले में 1,286 निगरानी समितियों द्वारा 31,250 किट को 27 जून से वितरित करना शुरू करवा दिया जाएगा। निगरानी समितियां घर-घर जाकर जानकारी करेंगी और जिस घर में बच्चों के कोरोना के लक्षण होंगे, उन्हें मेडिकल किट दी जाएगी। पहला चरण पूरा होने के बाद दूसरा चरण शासन के आदेश पर शुरू किया जाएगा। एक समिति को शून्य से 12 साल तक की पांच-पांच और 13 से 17 साल की 10 किट दी जा रही है।
- डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ
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