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समस्या बने आवारा गोवंश, किसान-राहगीर दोनों परेशान

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bulandshahar news - फोटो : BULANDSHAHR
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समस्या बने आवारा गोवंश, किसान-राहगीर दोनों परेशान
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बुलंदशहर। आवारा गोवंश जनता के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। इनसे किसान और राहगीरों दोनों परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अफसरों ने इस समस्या से मुंह मोड़ लिया है। स्थिति यह है कि निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल खुलने के बाद भी इनसे छुटकारा नहीं मिला है। साथ ही सरकार की 900 रुपये प्रति गाय के पालन को दी जाने वाली योजना भी ठंडे बस्ते में पड़ी है।
किसानों को पहुंचा रहे नुकसान
आवारा गोवंश गांव-दर-गांव खेतों को चट कर किसानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जनपद का ऐसा कोई गांव नहीं है, जहां आवारा गोवंश फसलों को नुकसान न पहुंचा रहे हों। किसान अपनी फसल को नष्ट होता देख और नुकसान को लेकर भरपाई की चिंता में डूबा हुआ है। किसान रामकुमार, प्रमोद कुमार, सुशील और गुलाब सिंह ने बताया कि यदि आवारा गोवंश से जल्द निजात नहीं मिली तो वह दिन दूर नहीं जब किसान को अपनी आधी फसल भी नहीं मिल पाएगी।
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सड़कों पर हादसे का कारण बन रहे
जनपद में शासन के आदेश पर 154 ग्राम पंचायतों और 17 निकाय क्षेत्रों में निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल खोले गए। शुरूआत में इनमें गोवंशों को पहुंचाया गया। बाद में इनकी अव्यवस्थाओं की पोल खुलने लगी तो वहां आवारा गोवंश को पहुंचाने का काम भी बंद हो गया। इसका नतीजा यह रहा कि जिला मुख्यालय और कस्बों से गांव से लेकर मार्गों तक आवारा गोवंश घूम रहे हैं। इनसे हर समय हादसा होने का डर बना रहता है। वह आए दिन लोगाें पर हमला कर जान लेने पर उतारू रहते हैं। गोवंशों द्वारा समय-समय पर लोगों के अलावा किसानों पर जानलेवा हमलों के मामले सामने आते रहे हैं।
गाय पालन प्रोत्साहन योजना भी ठंडे बस्ते में
प्रदेश सरकार ने गोवंश से निजात दिलाने की एक योजना बनाई। इसके तहत गोवंश के पालन-पोषण के लिए 900 रुपये प्रतिमाह प्रति गाय देने की बात कही गई। इस योजना का आदेश संबंधित विभाग को मिल चुका है लेकिन योजना अभी ठंडे बस्ते में पड़ी है। यदि इस योजना का सही तरीके और समय से क्रियान्वयन किया जाता है तो आवारा गोवंश से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
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कोट...
जनपद में आवारा गोवंश से निजात दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। गोवंश के पालन-पोषण के लिए चलाई जा रही योजना के तहत मिले लक्ष्य को पूरा करने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रयास है कि जल्द ही आवारा गोवंश से निजात दिलाई जा सके।
- डॉ. लक्ष्मी नारायण, निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल के नोडल अधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, बुलंदशहर।
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