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40 की जगह दे दिए चार अंक, 15 परीक्षकों पर होगी कार्रवाई

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40 की जगह दे दिए चार अंक, 15 परीक्षकों पर होगी कार्रवाई
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बुलंदशहर। यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गड़बड़ी सामने आई है। जहांगीराबाद के शिवकुमार अग्रवाल जनता इंटर कालेज में इंटरमीडिएट की अंग्रेजी, भूगोल और हिंदी की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अंकों में घालमेल हुआ है। 40 अंक वाले परीक्षार्थियों को चार अंक और चार अंक वाले परीक्षार्थी को 40 अंक दे दिए गए हैं। 15 उत्तर पुस्तिकाओं में यह गड़बड़ी सामने आई है। उप नियंत्रक ने मूल्यांकन कर रहे 15 परीक्षकों की उत्तर पुस्तिकाएं देखीं तो मामला खुला। इन परीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का जिले में छह केंद्रों पर मूल्यांकन कराया किया जा रहा है। दोनों कक्षाओं की 4.17 लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं केंद्रों पर हैं। उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने के लिए पर्याप्त परीक्षक भी हैं। संबंधति विषय के विशेषज्ञ उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए समय से पहुंचते हैं। बावजूद उसके कुछ केंद्रों पर गड़बड़ी सामने आई है। शिवकुमार अग्रवाल जनता इंटर कालेज जहांगीराबाद में इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो रहा है। बृहस्पतिवार को उप नियंत्रक सीपी अग्रवाल मूल्यांकन कक्ष में पहुंचे। वहां उन्होंने अंग्रेजी, भूगोल और हिंदी की मूल्यांकन हो चुकीं उत्तर पुस्तिकाओं को चेक किया तो उसमें त्रुटि नजर आईं। उन्होंने तीनों विषय की करीब 50 से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं को देखा तो उसमें 15 उत्तर पुस्तिकाएं ऐसी मिलीं, जिसमें बड़ी गड़बड़ी थी। जिस परीक्षार्थी के मूल्यांकन के हिसाब से केवल चार नंबर थे, उस परीक्षार्थी को 40 नंबर और जिस परीक्षार्थी के चार नंबर थे उसे 40 नंबर दे दिए। इसी तरह तीन नंबर वाले छात्र को 33 और 28 नंबर वाले छात्र को 30 नंबर दे दिए। वहीं कुछ छात्रों को 20 के स्थान पर 28 और 26 नंबर दे दिए। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों के अंकों की आगे और पीछे की डिजिट में काफी बदलाव मिला है। इसके अलावा अन्य उत्तर पुस्तिकाओं में भी काफी खामियां मिली हैं। उन्होंने पूरे मामले में अब तक 15 शिक्षकों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए डीआईओएस को लिखा है। इसके अलावा बोर्ड एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशक को पत्र लिखा जा रहा है।
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कॉपियों का नहीं है लोड
केंद्र व्यवस्थापक ने बताया कि मूल्यांकन केंद्र पर कापियों का कोई अतिरिक्त दबाव नहीं है। एक परीक्षक को 40 से 50 उत्तर पुस्तिकाएं ही जांचने के लिए दी जा रही हैं। यदि ज्यादा उत्तर पुस्तिकाएं दी जा रही होतीं तो भी समझ आता कि ज्यादा काम के कारण गलती हुई है। उप नियंत्रक का कहना है कि यह संबंधित परीक्षकों की लापरवाही है। नियम के अनुसार ही कॉपी जांचने के लिए दी जा रही हैं। किसी पर ज्यादा कॉपी जांचने का कोई दबाव भी नहीं है।
कहीं उत्तर पुस्तिकाओं में निकल रहे नोट का तो नहीं खेल
उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान उनमें से नोट भी निकल रहे हैं। इसके अलावा परीक्षार्थी पास होने के लिए मार्मिक अपील कर रहे हैं। बताया गया कि अंकों में 10 नंबर तक का फेर है, कहीं 40 का चार कर दिया है तो किसी उत्तर पुस्तिका में 4 का 40 कर दिया है। अंकों में काफी बदलाव परीक्षकों ने किया है। गोपनीय तरीके से जांच के दौरान यह मामला पकड़ में आया है। पूरे मामले में डीआईओएस ने जांच कराने की बात कही है। केंद्र की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
शिक्षक के कर्तव्य को निभाया
मेरे दादा, पिता शिक्षक रहे हैं और मैं भी एक शिक्षक हूं। शिक्षक का कार्य गलती को रोकना और टोकना है। इसीलिए मैंने गलत के खिलाफ आवाज उठाई है। विभागीय अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराकर अपना दायित्व पूरा किया है। बाकी काम अधिकारियों का है।
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- सीपी अग्रवाल, प्रधानाचार्य एवं उप नियंत्रक शिवकुमार अग्रवाल जनता इंटर कालेज जहांगीराबाद
संबंधित मूल्यांकन केंद्र का मामला मेरे संज्ञान में है। उप नियंत्रक से रिपोर्ट ली जा रही है। केंद्र पर पहुंचकर परीक्षकों से जानकारी लेकर उत्तर पुस्तिकाओं को देखा जाएगा। यदि ऐसा हुआ है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसा करने पर संबंधित परीक्षक का वेतन रोकने का भी नियम है। - शिवकुमार ओझा, जिला विद्यालय निरीक्षक।
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