65 प्रधानाचार्यों को हटाने के निर्देश, विद्यालय प्रबंधकों से मांगी रिपोर्ट
बुलंदशहर। यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी में ब्रेक लगाने वाले वित्त विहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की लापरवाही का आलम जारी है। वह डीआईओएस के बुलाने पर भी सोमवार को बैठक में नहीं पहुंचे। निर्देशों की अवहेलना करने पर अफसरों ने 65 प्रधानाचार्यों को हटाने के लिए विद्यालय प्रबंधकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही शिक्षकों को विभागीय पोर्टल पर डाटा अपलोड करने के लिए भी एक दिन का समय देते हुए रिपोर्ट तलब की है। चेतावनी दी है कि इसके लिए विद्यालय प्रबंधक भी जिम्मेदार होंगे। तय समय तक रिपोर्ट नहीं मिलने पर प्रबंध समिति को भंग करने की संस्तुति की जाएगी।
जिले के 408 यूपी बोर्ड के विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी जानी है। इसके लिए यूपी बोर्ड की वेबसाइट के पोर्टल पर विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का डाटा अपलोड कराया जा रहा है। लापरवाही यह है कि करीब 100 से अधिक विद्यालयों ने अपने यहां कार्यरत शिक्षकों की जानकारी अपलोड नहीं की है। इनमें अधिकांश वित्तविहीन विद्यालय शामिल रहे। हालांकि जब डीआइओएस ने सख्ती की तो पांच मार्च तक करीब 15 वित्त विहीन विद्यालयों ने शिक्षकों का डाटा अपलोड कर दिया। शेष विद्यालय के प्रधानाचार्यों ने निर्देशों की अवहेलना की। यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी प्रभावित होती देख डीआईओएस ने सोमवार को राजकीय इंटर कॉलेज में बैठक बुलाई है। इसमें भी करीब 15 वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्य पहुंचे। करीब 10 ने शिक्षकों का डाटा अपलोड कर दिया। ऐसे में यह 25 प्रधानाचार्य कार्रवाई की गाज गिरने से बच गए। जबकि 65 को प्रधानाचार्य पद से हटाने के लिए प्रबंध समिति को निर्देश दिए गए हैं। जिसमें इन्हें प्रधानाचार्य पद को नहीं निभा पाने में सक्षम एवं लापरवाह ठहराते हुए कार्रवाई की बात ही गई है। प्रबंध समिति प्रधानाचार्यों को बचा न सके इसलिए प्रबंध समिति को भंग करने की चेतावनी के साथ प्रधानाचार्यों को हटाने की कार्रवाई की रिपोर्ट भी तलब की है।
यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी में लापरवाही बरत रहे वित्त विहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को हटाने के निर्देश प्रबंध समिति को दिए हैं। जिसकी लिखित सूचना भी कार्यालय में जमा करने के लिए कहा है। प्रबंधकों द्वारा निर्देशों की अवहेलना पर अगले दिन प्रबंध समिति को भंग करने की संस्तुति करने की चेतावनी भी दी है। - शिव कुमार ओझा, जिला विद्यालय निरीक्षक।