अब प्लेटलेट्स के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
बुलंदशहर। प्लेटलेट्स के लिए मरीजों को अब निजी ब्लड बैंकों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में जल्द ही ब्लड सेपरेटर यूनिट लगाई जाएगी। इसके लिए अस्पताल में निर्माण कार्य चल रहा है। भवन तैयार होने के बाद यूनिट की स्थापना की जाएगी।
कई गंभीर बीमारियों के रोगियों को ब्लड के अलग-अलग तत्व की जरूरत पड़ती है। प्लेटलेट्स व अन्य तत्वों के लिए लोगों को अभी तक निजी लैब की दौड़ लगानी पड़ती है। निजी लैब पर प्लेटलेट्स न मिलने पर कभी-कभी गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली और मेरठ आदि की दौड़ लगानी पड़ती है। इसके बाद कुछ ही मरीजों की जान बच पाती थी। इस समस्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने शासन से ब्लड सेपरेटर यूनिट स्थापित करने की मांग की थी। शासन से मंजूरी मिलने पर ब्लड बैंक के पास यूनिट के लिए भवन निर्माण का कार्य शुरू किया गया।
डेंगू के मरीजों को पड़ती है प्लेटलेट्स की जरूरत
डेंगू के मरीजों और आग से झुलसे लोगों को रक्त के सहयोगी तत्वों की जरूरत होती है। ब्लड बैंक में ब्लड के तत्वों को अलग करने की सुविधा नहीं होने से दिक्कतें आती हैं। अब मरीज को जिस तत्व की जरूरत होगी, उसे वही दिया जाएगा। प्रतिवर्ष डेंगू के मामले सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ऐसे मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं कर पाया था। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ब्लड सेपरेटर यूनिट के चालू होने के बाद एक यूनिट ब्लड से चार तत्वों को अलग-अलग करने की सुविधा मिल जायेगी। इसमें प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, आरबीसी व डब्ल्यूबीसी को अलग कर चार मरीजों की जरूरत को पूरा किया जा सकेगा।
जिला अस्पताल में 150 यूनिट की है क्षमता
स्वास्थ्य विभाग का जिला अस्पताल में ब्लड बैंक संचालित है। यहां 150 यूनिट ब्लड रखने की क्षमता है। ब्लड बैंक में ब्लड को अलग-अलग करने के लिए अभी तक कोई मशीन नहीं थी। न तो ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स अलग करने के लिए मशीन है और न ही प्लाज्मा के लिए। वहीं, ब्लड बैंक से प्रतिदिन औसतन पांच से 10 यूनिट ब्लड की खपत होती है।
जिले में ब्लड से प्लेटलेट्स निकालने के लिए अभी तक ब्लड सेपरेटर यूनिट की व्यवस्था नहीं थी। इसके लिए पिछले काफी समय से प्रयास किए जा रहे थे। ब्लड सेपरेटर यूनिट के चालू होने के बाद जिला अस्पताल आने वाले रोगियों को काफी राहत मिलेगी। भवन के निर्माण का कार्य पूर्ण होने पर उपकरण मंगाए जाएंगे। उम्मीद है कि अप्रैल माह में मशीन और उपकरण आने के बाद यूनिट शुरू कर दी जाएगी। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस