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Bulandshahar News: सपा-बसपा को झटका, ब्लॉक प्रमुख-नगर पंचायत अध्यक्ष हुईं भाजपाई

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नरौरा नगर पंचायत की बसपा के चेयरमैन चुनी गईं प्रीति यादव को भजपा प्रदेश कार्यालय पर भजपा जॉइन क
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गुलावठी/नरौरा/औरंगाबाद। जिले में सपा और बसपा को बड़ा झटका लगा है। सपा के टिकट पर गुलावठी की ब्लॉक प्रमुख बनीं नेहा यादव, बसपा के टिकट पर नरौरा नगर पंचायत अध्यक्ष बनीं प्रीति यादव ने भाजपा की सदस्यता ले ली है। जबकि औरंगाबाद के पूर्व चेयरमैन राजकुमार लोधी ने फिर से भाजपा का दामन थाम लिया है।
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गुलावठी की ब्लॉक प्रमुख नेहा यादव को लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक एवं केशव प्रसाद मौर्य ने नेहा यादव को भाजपा की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख एवं भाजपा नेत्री नेहा यादव ने कहा कि वह पहले भी भाजपा के लिए कार्य करती रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संरक्षण में तेजी से कार्य हो रहे हैं।

बसपा के टिकट पर नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीतीं प्रीति यादव और उनके ससुर ने बसपा छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली है। बुधवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने प्रीति यादव और उनके ससुर किताब सिंह को भाजपा की सदस्यता दिलाई। पिछले नगर निकाय चुनाव के दौरान बसपा ने किताब सिंह को नगर पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी बनाया था लेकिन किताब सिंह चुनाव हार गए थे। मौके पर डिबाई विधायक चंद्रपाल सिंह मौजूद रहे।
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नौ माह बाद राजकुमार फिर बने भाजपाई

औरंगाबाद। नगर पंचायत में टिकट न मिलने से नाराज होकर अपनी मां को निर्दलीय चुनाव लड़ाने वाले पूर्व चेयरमैन राजकुमार लोधी फिर से भाजपाई हो गए हैं। बुधवार को लखनऊ में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इससे पहले वर्ष 2012 में युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष के पद पर रहते हुए चेयरमैनी का टिकट मांगा। टिकट न मिला तो निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा और विजयी होकर पार्टी में फिर से शामिल हो गए। वर्ष 2017 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और छह वोटों से हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2023 में सीट महिला के लिए आरक्षित हुई तो मां के लिए टिकट मांगा, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। जिसके चलते राजकुमार लोधी ने अपनी मां को मिथलेश देवी को निर्दलीय के रूप में चुनावी लड़ाया, लेकिन फिर भी वह चुनाव नहीं जीत पाई।
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