अब जिले में ही बनेगा आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पौष्टिक आहार
बुलंदशहर। आंगनबाड़ी केंद्रों से लाभ लेने वाले लाभार्थियों के लिए एक अच्छी खबर है। अब उनको मिलने वाला पौष्टिक आहार जल्द ही जिले मेें बनेगा। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर मशीनें लगेंगी, इस कार्य पर करोड़ों रुपये खर्च होंगे। शासन के आदेश पर प्रदेश के कई जनपदों में इसकी शुरूआत हो चुकी है, जबकि जिले में आदेश का इंतजार है।
जिले की आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत 2,48,199 लाभार्थी हैं। इन सभी को पौष्टिक आहार मिलता है। अभी तक पौष्टिक आहार में शामिल गेहूं, चावल, तेल आदि का वितरण स्वयं सहायता समूहों के साथ कोटेदार के माध्यम से उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की भी अहम भूमिका रहती है। बताया गया कि अब शासन के निर्देश पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से पौष्टिक आहार जिले में ही बनाया जाएगा। इसके लिए ब्लॉक पर मशीन लगेंगी और इससे पंजीरी आदि बनाई जाएगी। इसकी शुरूआत करने के लिए मुख्य उद्देश्य जहां स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को स्वावलंबी बनाना है, वहीं दूसरी ओर जिले में ही तैयार किए जाने वाला पौष्टिक आहार जल्द लाभार्थियों को मिल सकेगा। विभागीय अफसरों ने बताया कि इसकी शुरूआत कुछ जिलों में हो चुकी है, जबकि जिले में शुरूआत करने के लिए इंतजार किया जा रहा है। इसके लिए शासन और विभाग स्तर से आदेश जारी किया जाएगा।
ये हैं आंगनबाड़ी केंद्र और लाभार्थियों का ब्योरा
- कुल लाभार्थी : 2,48,199
- छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों की संख्या : 1,33,025
- तीन से छह वर्ष तक के बच्चों की संख्या : 53,035
- गर्भवती और धाती महिलाओं की संख्या : 54,266
- कुपोषित बच्चों की संख्या : 7873
ये है आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति
- आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या : 3967
- मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या : 195
- कुल आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या : 3772
- तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता : 3424
- तैनात सहायिकाएं : 3353
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पद : 348
- सहायिकाओं के रिक्त पद : 419
- मिनी कार्यकर्ताओं के रिक्त पद : 38
आंगनबाड़ी लाभार्थियों को जिले में ही पौष्टिक आहार तैयार करने के लिए शासन ने योजना तैयार की है। इसके लिए मशीनें लगाई जाएंगी। इस पर करोड़ों रुपये भी खर्च होंगे। जिले में मशीन लगाने और पौष्टिक आहार बनाने के आदेश का इंतजार है।
- हरिओम वाजपेयी, जिला कार्यक्रम अधिकारी