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राशन दुकान निरस्त कराने को माननीयों के चक्कर काट रहे डीलर

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राशन दुकान निरस्त कराने को माननीयों के चक्कर काट रहे डीलर
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पीओएस मशीन से राशन वितरण के आदेशों के बाद अब राशन डीलरों की परेशानी बढ़ने लगी है। ब्लैक मार्केटिंग बंद होने के बाद बड़ी संख्या में डीलर कोटा निरस्त करने के लिए अफसरों और नेताओं के चक्कर लगा रहे हैं। इसके लिए कोटेदार फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र का भी सहारा ले रहे हैं।

राशन वितरण में हो रही धांधली को रोकने के लिए शासन के आदेश पर खाद्य एवं रसद विभाग ने पीओएस (प्वाइंट ऑफ सर्विस) मशीन से राशन वितरण की शुरुआत की। मशीनें लगते ही राशन डीलरों में खलबली मच गई।
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पहले जहां राशन कोटे के लिए आवेदन माननीयों व अफसरों के चक्कर काटते रहते थे, वहीं अब वह कोटा निरस्त कराने के लिए चक्कर काट रहे हैं। दरअसल, पीओएस मशीन द्वारा राशन वितरण के चलते अब राशन की ब्लैक मार्केटिंग बंद हो गई है।

इसके कारण कोटेदारों को मनचाहा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे परेशान कोटेदार दिन प्रतिदिन माननीयों व अफसरों के माध्यम से फर्जी कागजात तैयार कराकर खुद को अनफिट बताते हुए कोटा निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।

जिला पूर्ति विभाग के अधिकारियों की मानें तो पीओएस मशीन से राशन वितरण के आदेशों के बाद से अब तक कोटा निरस्त कराने के लिए 40 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। जबकि सत्ताधारी व विपक्षी रसूखदार नेताओं के पास भी कोटेदारों की लंबी लाइन है।

फर्जी मेडिकल का ले रहे सहारा
राशन डीलर अपना कोटा निरस्त कराने के लिए फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र का सहारा ले रहे हैं। किसी भी प्रकार से वह खुद को राशन कोटे के लिए अयोग्य साबित कराकर अपना कोटा निरस्त कराना चाह रहे हैं। राशन डीलरों की इस कारगुजारी से सीएमओ दफ्तर में मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने वाले कर्मचारियों की चांदी है।

नौ लाख से अधिक हैं कार्ड धारक
जिले में नौ लाख से अधिक लोग राशन कार्ड धारक हैं। इनमें से 6.5 लाख परिवार फूड सिक्योरिटी योजना से जुड़े हुए हैं। इसके चलते इन्हें सस्ते दामों पर अनाज व तेल उपलब्ध कराया जाता है। जिले में 1426 राशन की दुकान संचालित हैं।

पीओएस मशीन से राशन वितरण के बाद से 40 से अधिक आवेदन कोटा निरस्त कराने के लिए आ चुके हैं। बिना पूरी कार्रवाई के कोटा निरस्त नहीं किया जा रहा है। यदि कोई वास्तव में कोटा चलाने लायक नहीं है तो इसकी जांच कर उसका कोटा निरस्त किया जाएगा। - केबी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी

राशन डीलर को बर्खास्त करने की मांग
अनूपशहर। तहसील के तोरई गांव के ग्रामीणों ने एसडीएम शुभी सिंह काकन को ज्ञापन देकर गांव के राशन डीलर पर अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुए बर्खास्त करने और पूर्ति निरीक्षक को हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि राशन डीलर की कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बार कार्रवाई नहीं की गई तो मुख्यमंत्री दरबार में इस मामले को ले जाया जाएगा।

फूड सिक्योरिटी से 50 हजार अपात्र हुए आउट
फूड सिक्योरिटी योजना से जिले के 50 हजार से अधिक अपात्र आउट हो गए हैं। इनके स्थान पर पात्रों को शामिल कर लिया गया है। लगातार मिल रही अपात्रों की शिकायतों के मद्देनजर दोबारा सर्वे शुरू किया गया है। अफसरों का दावा है कि योजना में एक भी अपात्र को छोड़ा नहीं जाएगा।

जिले में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण फूड सिक्योरिटी योजना की शुरूआत वर्ष 2016 जनवरी में हुई। योजना में जिले के 6.50 लाख परिवारों को शामिल किया गया। इसके तहत दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल उपलब्ध करवाने का प्रावधान है।

योजना शुरू होते ही अपात्रों के शामिल होने की शिकायतें मिलनी शुरू हो गई थीं। इस पर कई बार सर्वे हुआ और अपात्रों को आउट किया गया। मगर, इस बार हुए सर्वे में 50 हजार से अधिक अपात्र पाए गए, जिन्हें योजना से आउट कर उनके स्थान पर पात्रों को शामिल किया गया है, लेकिन अब भी शिकायतों का दौर जारी है।

इसलिए विभाग ने डीएम के आदेश पर दोबारा सर्वे शुरू कर दिया है। इस सर्वे के तहत मिल रही अपात्रों की शिकायतों की जांच की जा रही है। जांच में यदि कोई अपात्र मिल रहा है तो उसे आउट किया जा रहा है। खास बात यह है कि सर्वे में पात्रों को भी चिन्हित कर उन्हें योजना में शामिल किया जा रहा है।

इस संबंध में डीसीओ केबी सिंह ने कहा कि फूड सिक्योरिटी योजना से 50 हजार अपात्रों को आउट कर नए पात्रों को शामिल कर दिया है। शिकायत मिलने पर फिर से सर्व कर अपात्रों को बाहर कर पात्रों को जोड़ने का काम जारी है।

यदि कहीं कोई अपात्र योजना में शामिल है तो उसकी सूचना विभाग को दी जाए, ताकि जांच कर उसे योजना से बाहर किया जा सके।

हरिशाह, केसरीवाडे के 164 सेठ ‘गरीब’
नगर के हरिशाह और केसरीवाडा के 164 सेठ ‘गरीब’ हैं। सभी ने पीएचएच राशन कार्ड बनवा रखा था। कार्डों के सत्यापन के दौरान इसका खुलासा हुआ। आपूर्ति विभाग ने अपात्र पाए गए सभी 164 कार्डों के निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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आपूर्ति विभाग द्वारा गरीबों को सस्ता राशन उपलब्ध कराने के लिए पीएचएच और बीपीएल कार्ड बनाए जाते हैं। आपूर्ति अधिकारी कमलेशचंद ने बताया कि राशन कार्डों के सत्यापन के दौरान नगर के मोहल्ला हरिशाह, केसरीवाडा में 164 कार्ड धारक अपात्र पाए गए।

ज्ञात हो कि हरिशाह और केसरीवाडा नगर के धनवान लोगों का मोहल्ला माना जाता है। कमलेशचंद ने बताया कि अपात्र पाए गए सभी लोगों के कार्ड निरस्त किए जाएंगे।
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