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सतर्कता : तीसरी लहर को देखते हुुए स्कूलों में शुरू हुई बच्चों की जांच

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राजाराम महिला इंटर कॉलेज में कोविड-19 की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक के साथ ही कोविड केस भी बहुतायत में आने लगे हैं। हालांकि जिले में अभी केवल एक ही एक्टिव कोरोना केस है, लेकिन जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी, पीएचसी, प्राइवेट बस स्टैंड पर कोविड की जांच की जा रही है, साथ ही साथ अब स्कूलों में भी छात्र-छात्राओं की कोरोना जांच होने लगी है।
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कोरोना की तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को जरूरी तैयारियों को पूरा रखने के निर्देश दिए है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तरफ से काफी हद तक तैयारियों को पूरा भी कर लिया है। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते केसों को ध्यान में देखते हुए प्रदेश सरकार ने रात में कर्फ्यू लगा दिया है। साथ ही दिन में भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। शासन ने स्कूलों में भी छात्र-छात्राओं की कोरोना की जांच कराने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने स्कूलों में छात्र-छात्राओं की जांच शुरू कर दी गई है ताकि अगर कोई छात्र या छात्रा पॉजिटिव है, तो समय रहते उसका इलाज किया जा सके और संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी तक जिन स्कूलों में छात्र-छात्राओं की जांच हुई है, वहां बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आयी है।
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मेडिकल कॉलेज के स्टाफ की रिपोर्ट निगेटिव
शासन के निर्देश थे कि मेडिकल कॉलेज का पूरा स्टाफ अपनी कोविड-19 की आरटीपीसीआर के जरिए जांच कराए। शासन के निर्देशों के क्रम में कॉलेज के पूरे स्टाफ की जांच प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता के निर्देश पर हुई। लैब पर जांच का अधिक लोड न पड़े, इसके लिए रोज 50-50 डॉक्टर से लेकर कर्मचारियों की जांच कराई गई। प्राचार्य ने बताया कि सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।
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जेल में बंदियों से मिलने पर रोक
बदायूं। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए एक बार फिर जिले में बंदियों से मिलाई पर रोक लगा दी गई है। बंदियों की सुरक्षा के लिए जेल में पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। उन्हें सैनिटाइजर और मास्क उपलब्ध कराए गए हैं। जेल में सैनेटाइजर की भी व्यवस्था की गई है। जेल अधीक्षक डॉ. विनय कुमार ने बताया कि बंदियों को कोरोना संक्रमण और ओमिक्रॉन से बचाने के लिए एक जनवरी से मिलाई पर रोक लगाई गई है। संवाद
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