बदायूं के विधायक पंडित राधाकृष्ण शर्मा उर्फ आरके शर्मा का भाजपा से सपा में जाना अनायास नहीं हुआ, इसे लेकर काफी पहले से ही राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे थे। लंबे समय से वह विधानसभा क्षेत्र और भाजपा से दूरी बनाए हुए थे। योगी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर भाजपा के सभी विधायकों ने जब अपनी उपलब्धियां गिनाईं तब भी आरके शर्मा सामने नहीं आए। वह भाजपा की जनविश्वास यात्रा, राष्ट्रीय अध्यक्ष की जनसभा में भी शामिल नहीं हुए थे।
बिल्सी विधायक आरके शर्मा को आखिरी बार नौ नवंबर 2021 को सहसवान में सीएम योगी की जनसभा के दौरान मंच पर देखा गया था। इसके बाद वह नहीं दिखे। पिछले दिनों पूर्व मंत्री और आंवला के विधायक धर्मपाल सिंह के साथ उनकी वार्ता का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो ने भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी थी। वीडियो में आरके शर्मा आंवला विधायक धर्मपाल सिंह से आंवला से चुनाव लड़ने को लेकर चर्चा करते हुए कह रहे हैं कि इस बार हम दोनों की टक्कर होगी।
विधानसभा चुनाव 2017 में आचार संहिता लागू होने के बाद आरके शर्मा भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा ने उनको बिल्सी विधानसभा सीट से प्रत्याशी भी बना दिया। मोदी लहर में आरके शर्मा ने बसपा के तत्कालीन विधायक हाजी बिट्टन को करीब 26 हजार वोट के बड़े अंतर से हराया था। आरके शर्मा को 82070 और बिट्टन को 55091 वोट मिले थे।
आरके शर्मा का राजनीतिक सफर
पंडित आरके शर्मा ने 2007 में बसपा के टिकट पर बरेली की आंवला सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा और पहली ही बार में विधायक बन गए। इसके बाद 2012 में उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा। फिर 2017 में बदायूं की बिल्सी विधानसभा सीट पर भाजपा से टिकट लेकर उन्होंने दांव खेला और फिर जीत गए।
बिसौली इलाके के मूल निवासी, बेटा आईपीएस अफसर
आरके शर्मा मूल रूप से जिले की बिसौली विधानसभा क्षेत्र के गांव भानपुर के निवासी हैं। एनसीआर में उनका रियल एस्टेट का बड़ा काम है। उनके बेटे सचिन शर्मा मध्यप्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं।
पूर्व सांसद धर्मेंद्र बने धुरी
भाजपा में टिकट न मिलता देखकर बदायूं के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव से आरके शर्मा ने संपर्क साधा तो रिश्ते प्रगाढ़ होते चले गए। बताते हैं कि धर्मेंद्र यादव धुरी बने तो शर्मा ने सपा मुखिया अखिलेश यादव से नजदीकी बना ली। काफी समय पहले शर्मा का सपा में जाना तय हो गया था पर राजनीतिक नफा नुकसान की वजह से उन्होंने आचार संहिता लगने के बाद जाने की इच्छा जताई। इस लिहाज से सोमवार को उनकी सपा में ज्वाइनिंग पक्की हो गई।
वायरल वीडियो में दिया था दलबदल का इशारा
कुछ दिनों पहले आरके शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह आंवला विधायक व पूर्व मंत्री धर्मपाल सिंह से एक कमरे में बात करते नजर आ रहे थे। वह कह रहे थे कि आपके सामने चुनाव लड़ूंगा, आप सम्मानीय हैं, आपके खिलाफ सीधी टिप्पणी नहीं करूंगा। तब यह वीडियो काफी चर्चा में आया था, हालांकि उन्होंने तब इनकार कर दिया था कि दल या क्षेत्र नहीं बदल रहे हैं। लोगों ने यह भी समझा था कि वह भाजपा में ही धर्मपाल सिंह की जगह आंवला से टिकट की जुगाड़ में हैं। हालांकि तभी उन्होंने धर्मपाल के सामने ताल ठोंकने की बात सार्वजनिक कर दी थी।