गुप्ता बोले: बेटियों ने कायम की मिसाल
प्रधानाचार्य पिता राजेश गुप्ता का कहना है कि वह अपनी तीन बेटियों को भी बेटे से कम नहीं मानते। उन्हें अच्छी शिक्षा दे रहे हैं ताकि वह खुद पैरों पर खड़ी होकर समाज को कुछ दे सकें। हालांकि इस घटनाक्रम के बाद उनके पास बेटियों के लिए शब्द नहीं बचे हैं। उन्होंने जो काम किया है जो एक मिसाल है। कुछ दिन पहले उनके बेटे और बेटियां अस्पताल में बेड पर पड़े थे। उन पर और पत्नी पर क्या बीत रही थी, बता नहीं सकते पर अब वह बेहद खुश हैं। इस रक्षाबंधन पर वह कामना करते हैं कि सभी परिवारों में भाई बहन का प्यार ऐसे ही बना रहे और वह एकदूसरे के सुखदुख में काम आएं।