15 खातों से गबन की गई 71.26 लाख रुपये की रकम
मैनुअल खातों को साजिशन किया गया एटीएम लिंक
डाक विभाग में हुए 71.26 लाख रुपये के गबन की पटकथा करीब तीन साल पहले उस वक्त रची गई थी, जब डाक विभाग को ऑनलाइन के साथ एटीएम सेवा शुरू करने का काम चालू हुआ था। साजिशन डाक विभाग के कर्मचारियों ने 15 ऐसे मैनुअल खातों को ऑनलाइन से जोड़ दिया। बाद में इन खातों को एटीएम लिंक से जोड़कर खातों में रकम दर्शा दी गई। इन्हीं 15 बैंक खातों से बाद में 71.26 लाख रुपये निकाले गए। घोटाले से जुड़े अब तक 12 अधिकारियों और कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है।
डाक विभाग में जुलाई के पहले सप्ताह में घोटाला सामने आया था। मामले में सहायक डाक अधीक्षक पूर्वी एस. गुडवा ने डिप्टी पोस्टमास्टर अखिलेश पुत्र ओम प्रकाश और बैंक सहायक अखिलेश पुत्र रामविलस के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में प्रथम दृष्टया डाककर्मी श्रीकांत, एके गुप्ता, अरविंद वर्मा और जेके गर्ग को दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया गया। जांच के लिए विभाग के एएसपी कृष्णचंद्र के नेतृत्व में पांच सदस्यों की टीम बनाई गई। इसमें नरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर आरबी सिंह, लक्ष्मण सिंह और सीआई विकास सोनी को शामिल किया गया। पहले सामने आया था कि घोटाला 25 लाख रुपये का है। जांच में पता लगा कि गबन 71.26 लाख रुपये का हुआ है।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पोस्टमास्टर जनरल बरेली ने सहायक डाक अधीक्षक कृष्ण चंद्र, प्रभारी पोस्ट मास्टर सूनृता गुप्ता और लिपिक जाबिर को भी सस्पेंड कर दिया। बाद में कार्रवाई कुछ और आगे बढ़ी। सहसवान के पोस्टमास्टर अजय यादव, निरीक्षक आरबी सिंह और पंकज को सस्पेंड कर दिया है। अब तक 12 लोगों को सस्पेंड किया जा चुका है। जल्द ही कुछ और पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।
बदायूं के चार, संभल के दो डाकघरों में घोटाला
बदायूं। जांच में पता लगा है कि बदायूं के चार हेड पोस्ट ऑफिस समेत बिसौली, बिल्सी, सहसवान और दातागंज के डाकघरों और संभल जिले के बबराला, गुन्नौर डाक घरों में घोटाला हुआ है। इन सभी जगह सिर्फ 15 मेन्युअल खातों को एटीएम लिंक करने के बाद खातों में रकम दर्शा दी गई। बाद में इस रकम को निकाल लिया गया। जांच के दौरान यह बात साफ हो गई है कि घोटाला में कम से कम 20 डाक कर्मी शामिल हैं।
सहसवान में एक खाते से निकाले 23 लाख
बदायूं। सहसवान पोस्ट ऑफिस में तो सिर्फ एक खाते से 23 लाख रुपये का गबन किया गया है। तीन साल पहले यह मेन्युअल खाता था। कंप्यूटराइजेशन के दौरान इसे ऑनलाइन करने के बाद एटीएम लिंक से जोड़ दिया गया। बाद में इसका एटीएम कार्ड बनवाया गया और खाते से 23 लाख रुपये गबन कर लिए गए। यह बात जांच में सामने आई है।
इस तरह किया गया गबन
बदायूं। डाक विभाग के कर्मचारियों ने मैनुअल खातों को ऑनलाइन सिस्टम में फीड कर दिया। यह वह खाते थे जो पहले बंद हो चुके थे। कुछ छह डाकघरों में ऐसे 15 खातों को ऑनलाइन करने के बाद इनमें मोटी रकम जमा होना दर्शा दी गई। जिन लोगों के नाम खाते थे उनको पता भी नहीं चला। इन खातों के एटीएम कार्ड बनवा लिए गए। बाद में खातों से गबन कर लिया गया।
मामले में जांच चल रही है। इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता सकता। घोटाले में जिन कर्मचारियों के नाम अब तक सामने आए हैं। उनको जांच रिपोर्ट के आधार पर सस्पेंड किया जा चुका है। कार्रवाई जारी है।
-अरविंद कुमार शर्मा, मुख्य डाक अधीक्षक