बदायूं के इस्लामपुर क्षेत्र में 31 मार्च 2021 की शाम देशपाल को पीट-पीटकर आरोपियों ने अधमरा कर दिया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। जानलेवा हमले से यह मामला हत्या में तरमीम हुआ था। कोर्ट ने मंगलवार को देशपाल हत्याकांड में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
बदायूं में हत्या के तीन साल पुराने देशपाल यादव हत्याकांड में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की न्यायाधीश शिवकुमारी ने मंगलवार को गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर सजा सुनाई। तीनों आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना डाला है।
विज्ञापन
इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव नगला वारह निवासी ओमप्रकाश पुत्र भूदेव ने 31 मार्च 2021 को थाना पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में बताया था कि करीब डेढ़ साल पहले पन्नालाल पुत्र सियाराम ने घर में घुसकर छेड़छाड़ की थी। जिस पर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। तभी से आरोपी रंजिश मानने लगे। इसी रंजिश में 31 मार्च 2021 की शाम सात बजे उनका बेटा देशपाल खेत पर था। तभी गांव के ही पन्नालाल, राजू पुत्र पन्नालाल और सियाराम पुत्र मिश्री हाथों में लाठी डंडे लेकर खेत पर पहुंच गए।
तीनों ने बेटे को लाठी-डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जान से मारने की नीयत से हमला कर घायल करने की रिपोर्ट दर्ज की। देशपाल को इलाज के लिए भेज दिया गया। करीब आठ महीने इलाज चला। 17 नवंबर 2021 देशपाल की मौत हो गई। विवेचना इंस्पेक्टर बच्चू सिंह ने की। हत्या की धारा में मामले को तरमीम करते हुए आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
विज्ञापन
तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। इंस्पेक्टर इस्लामनगर हरेंद्र सिंह ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिह्नित प्रभावी पैरवी कराई। अदालत ने लोक अभियोजक ओमपाल कश्यप और विपक्षी अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद मंगलवार को पिता-पुत्र समेत तीनों आरोपियों को सजा सुनाई।