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Budaun News: जटा गांव में रपटा पुल पर ढाई फुट पानी, मोटरबोट से ग्रामीण कर रहे आवाजाही

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नसीम, ग्राम जटा
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उसहैत। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने तटीय इलाकों के ग्रामीणों में बेचैनी बढ़ा दी है। उसहैत क्षेत्र के जटा में रपटा पुल पर करीब ढाई फुट पानी भर गया है, जिससे सड़क मार्ग से आवागमन बंद हो गया है। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने यहां मोटरबोट लगा दी है। ग्रामीण इसी के सहारे आवाजाही कर रहे हैं। वहीं, कछला में गंगा का जलस्तर अब खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है।
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रविवार को जलस्तर खतरे के निशान से महज 0.07 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया। नरौरा बैराज से भी लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले घंटों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। इससे अटैना और उसहैत क्षेत्र के तटीय गांवों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
उसहैत क्षेत्र के जटा गांव में रपटा पुल पर पानी बढ़ने के बाद सड़क पर यातायात पूरी तरह से बंद हो गया है। इस पर करीब ढाई फुट पानी भरने से पैदल और छोटे वाहनों से निकलना मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए मोटरबोट की व्यवस्था की है।
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ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो गांव में भी पानी पहुंच सकता है। सबसे ज्यादा चिंता उन परिवारों को है, जिनका रोजमर्रा का आवागमन इन्हीं रास्तों से होता है। प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

उधर, ग्रामीणों का कहना है कि अभी से कई रास्तों पर पानी पहुंचने लगा है। जलस्तर और बढ़ा तो आवागमन के साथ पशुओं के चारे और दैनिक जरूरतों की समस्या भी खड़ी हो सकती है।

तटीय गांवों और निचले इलाकों में लोगों को सतर्क बना चुनौती

कछला में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार को नदी खतरे के निशान से महज 0.07 सेंटीमीटर नीचे रह गई। जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती तटीय गांवों और निचले इलाकों में पानी पहुंचने से पहले लोगों को सतर्क करने की है।

निचले इलाके के रास्ते भी हो सकते हैं जलमग्न
नरौरा बैराज से शनिवार सुबह 1,72,228 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद रविवार को भी 1,67,668 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने का असर कछला और गंगा के तटीय क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। पानी लगातार बढ़ने से प्रशासन ने भी निगरानी बढ़ा दी है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब होने के कारण ग्रामीणों को अब आगे जलस्तर बढ़ने की आशंका सता रही है। यदि पानी और बढ़ता है तो निचले इलाकों में खेतों के साथ रास्तों पर भी पानी पहुंच सकता है।


ग्रामीणों ने बताई अपनी-अपनी परेशानी

गांव के मुख्य रास्ते पर पानी भर गया है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। हालांकि मोटर वोट लगाई गई है, उसके लिए ग्रामीणों का एकत्र होना जरूरी है। तभी मोटरवोट चलती है। - असलम, ग्राम जटा


अगर इसी तेजी से पानी बढ़ता रहा तो गांव में भी पानी भर जाएगा। मुख्य रोड पर पानी भरने से सबसे ज्यादा चिंता उन परिवारों को है, जिनका रोजमर्रा का आवागमन इन्हीं रास्तों से होता है। -नसीम, ग्राम जटा

गंगा का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन अभी सभी जगहों पर स्थिति ठीक है। एक-दो सड़कों पर जलभराव हो गया है। वहां पर नाव लगवा दी गई है। -उमेश चंद्र, एक्सईएन, बाढ़ खंड

नसीम, ग्राम जटा

नसीम, ग्राम जटा

नसीम, ग्राम जटा

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