अलापुर(बदायूं)। सोना-चांदी गलाने में माहिर शनि पाटिल से संपर्क के बाद ही महाराष्ट्र के सांगली में सहकारी बैंक से चोरी करने की साजिश रची गई थी। ककराला के वार्ड नंबर चार में रहने वाले राहुल शर्मा का महाराष्ट्र के शनि पाटिल से संपर्क कस्बे में ही हुआ। वह कस्बे में करीब सात साल से दुकान खोलकर अवैध तरीके से सोना-चांदी खरीदकर उसको गलाकर बिस्किट व ईंट बनाने का काम करता था। उसने महाराष्ट्र में बैंक खाली करने की योजना बनाई।
इसके बाद उसके संपर्क में चोरी की घटनाओं को करने वाले कस्बे के ही दो व कासंगज जिले के तीन साथी आ गए। सभी ने महाराष्ट्र के तीन लोगों के साथ बैंक में चोरी की घटना को अंजाम देने का काम किया। पुलिस अभी तक अन्य साथियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस की टीम उनकी तलाश में दबिश दे रही है। महाराष्ट्र पुलिस स्थानीय पुलिस की मदद से कासगंज व बदायूं जिले में मंगलवार को भी सक्रिय रही व कई जगह पर छापेमारी की गई है। हालांकि, अन्य आरोपियों को पकड़ने की जानकारी अभी पुलिस नहीं दे रही है।
बता दें कि ककराला निवासी राहुल शर्मा महाराष्ट्र के सांगली में सहकारी बैंक से बीती सात जनवरी को खिड़की तोड़कर 30 किलो चांदी, छह किलो सोना और 4.50 लाख नकदी चोरी करने के मामले में आरोपी है। इसको महाराष्ट्र और अलापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार की रात को गिरफ्तार किया था। पुलिस उसको रिमांड पर अपने साथ ले गई है।
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पुलिस पूछताछ में राहुल ने दी अहमजानकारी
महाराष्ट्र के सागंली क्राइम ब्रांच के एसआई पंकज पवार ने बताया कि राहुल शर्मा से पूछताछ की गई तो उसने बताया है कि सांगली का रहने वाला शनि पाटिल करीब सात साल तक उसके कस्बे में रहा था। वह चांदी गलाने का काम करता था। उससे उसकी दोस्ती थी। उसके कहने पर ही चोरी का माल लाकर देने वाले कासगंज के चोराें से उसने संपर्क किया। ककराला के शातिर दो चोरों को साथ लिया और चोरी करने की योजना बनाई गई। शनि ने महाराष्ट्र के तीप शातिर चोरों से संपर्क किया। योजना बनाकर बैंक में चोरी की और माल का बंटवारा कर सब लोग अपने-अपने स्थान को चले गए। एक शातिर चोर राहुल से करीब 1.5 करोड़ रुपये कीमत का सोना बरामद किया गया है। अभी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही माल की बरामदगी का प्रयास पुलिस कर रही है। इस चोरी की घटना में महाराष्ट्र व अलापुर पुलिस भी लगी हुई है। इसमें तीन ककराला के, तीन कासगंज और तीन ही महाराष्ट्र के चोर शामिल रहे हैं। अभी तक एक राहुल ही गिरफ्तार किया जा सका है।
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कस्बे में खोली थी जिम, फिर शुरू किया सराफा कारोबार
राहुल शर्मा ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर तीन साल पहले जिम का काम शुरू किया। इसके बाद में अपने इन्हीं साथियों के साथ कस्बे में सराफा की दुकान खोली। एक साल पहले तक साझे में सराफा का कारोबार चलता रहा। लेकिन जब साथियों को पता लगा कि राहुल चोरी का माल भी खरीदता है और चोरों के साथ रहता है तो उन्होंने अपनी दुकान अलग कर ली। इसके बाद वह अकेला पड़ गया। फिर उसका व्यापार से मन हटा और बैंक आदि में बड़ी चोरी की घटनाओं को करने इरादा हुआ।
साथियों के कहने पर राहुल बना था मुस्लिम, दबाव में फिर बना हिंदू
महाराष्ट्र की बैंक से करोड़ों रुपये की कीमत के जेवरात चोरी करने के आरोपी ने अपने साथियों के कहने पर कई साल पहले मुस्लिम बना था। धर्म अपना लिया था। लेकिन बजरंग दल व विहिप के लोगों के दबाव में उसने फिर से हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया था।
पिता करते थे सराफा की दुकान पर काम
राहुल शर्मा के पिता रजमेश शर्मा कस्बे के ही एक सराफ व्यापारी की दुकान पर काम करते थे। राहुल अक्सर सराफा की दुकान पर आया करता था। इस बीच इसने सराफ व्यापारी के साथ भी गबन कर लिया था, इसके बाद उसके पिता को दुकान से हटा दिया गया था। फिर उसने अपने दोस्तों के साथ सराफ की दुकान खोली थी।